अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला महज 3 घंटे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके पिछले व्यापक टैरिफ को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद आया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप ने 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का दुरुपयोग कर टैरिफ नहीं लगा सकते। इससे उनके द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल और अन्य इमरजेंसी टैरिफ रद्द हो गए हैं।
इस फैसले का भारत पर सीधा असर पड़ा है। भारत के साथ हालिया अंतरिम व्यापार समझौते में अमेरिका द्वारा भारतीय आयात पर लगाया गया 18 प्रतिशत टैरिफ अब समाप्त हो गया है। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि अब सभी देशों, जिसमें भारत भी शामिल है, पर नया 10 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा, जो 24 फरवरी से प्रभावी होगा और अधिकतम 150 दिनों तक चलेगा।
ट्रंप ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजों पर हमला बोला और कहा कि वे “मूर्ख” हैं। उन्होंने अलग कानून (ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122) का इस्तेमाल कर नया टैरिफ लगाया, ताकि उनकी अमेरिका फर्स्ट नीति जारी रहे।
भारत के लिए यह राहत भरा कदम माना जा रहा है, क्योंकि 18% से घटकर 10% टैरिफ होने से भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह अस्थायी है और आगे बातचीत या नए कानूनी कदमों से स्थिति बदल सकती है।
ट्रंप ने कहा कि यह नया टैरिफ अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करने और उत्पादन को घरेलू स्तर पर लाने में मदद करेगा। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की बाकी शर्तें बरकरार रहेंगी, लेकिन टैरिफ दर अब 10% पर आ गई है।