अमेरिका ने ईरान के चाबहार पोर्ट पर की बमबारी, कंट्रोल टावर को निशाना बनाया

अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित रणनीतिक चाबहार बंदरगाह पर हमला कर दिया। इस कार्रवाई में बंदरगाह के मुख्य समुद्री यातायात नियंत्रण टावर को गंभीर क्षति पहुंची है। ईरान में भारत के प्रमुख निवेश वाले इस बंदरगाह पर हुए हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा को नई चुनौती दी है।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में बंदरगाह क्षेत्र के दो मुख्य जेटी भी प्रभावित हुए। चाबहार फ्री जोन के प्रमुख ने पुष्टि की कि कंट्रोल टावर निशाने पर था और उसे काफी नुकसान हुआ। हालांकि, बंदरगाह पर वाहन उतारने और बुनियादी सेवाएं अभी भी जारी बताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों ने करीब 10 जोरदार धमाकों की आवाज सुनी, जिसके बाद शहर के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

हमले का मकसद

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि ये हमले ईरान की समुद्री क्षमताओं को कमजोर करने के लिए किए गए। इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने हाल में इस जलडमरूमध्य में तीन कार्गो जहाजों पर हमला किया था, जिसके जवाब में ये कार्रवाई हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि सीजफायर खत्म हो चुका है और जरूरत पड़ी तो और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह चाबहार पर अब तक का सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है। चाबहार ईरान का एकमात्र गहरे पानी वाला बंदरगाह है, जो होर्मुज से बाहर गल्फ ऑफ ओमान में स्थित है और क्षेत्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

भारत की चिंता

भारत ने चाबहार के शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल में खासा निवेश किया है। यह परियोजना पाकिस्तान को बायपास कर अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की पहुंच बनाने में अहम भूमिका निभाती है। हमले से इस विकास कार्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। भारतीय पक्ष पूरे मामले पर बारीकी से नजर रख रहा है।

ईरानी रिपोर्टों में पूरे हमलों में अब तक 14 लोगों की मौत और दर्जनों घायलों की खबर है। सैटेलाइट तस्वीरों और वीडियो में टावर को हुए नुकसान की पुष्टि हुई है।