दिग्विजय सिंह ने छोड़ा सोशल मीडिया, 20 अक्टूबर को उज्जैन से अयोध्या पदयात्रा

कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया से दूरी बनाने का फैसला कर लिया है। उन्होंने अपनी पदयात्रा के दौरान एक्स (पूर्व ट्विटर) समेत किसी भी प्लेटफॉर्म का उपयोग न करने और भाषण न देने की घोषणा की है। पर्सनल मोबाइल फोन भी स्टाफ को सौंप दिया गया है।

दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा के दिन उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या के राम मंदिर तक लगभग 1000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू करेंगे। यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक बताई जा रही है।

यात्रा का उद्देश्य

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को मुख्य वजह बताया। उन्होंने कहा कि वे उज्जैन और अयोध्या दोनों तीर्थ स्थानों से जुड़ी जमीन संबंधी गड़बड़ियों और आर्थिक अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाएंगे। सिंह स्वयं राम मंदिर के लिए 1.11 लाख रुपये का चंदा दे चुके हैं और इस राशि को वापस लेने के लिए अदालत जाने की भी तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रा में कोई राजनीतिक दल या झंडा शामिल नहीं होगा। भगवान राम में आस्था रखने वाले सभी लोग इसमें भाग ले सकते हैं। रोजाना 10 से 15 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना है।

दिग्विजय सिंह का संदेश

दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया, “मैं अब सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए आगे बढ़ रहा हूं। 80 साल की उम्र में मैं न बोलूंगा, न लिखूंगा। यात्रा के दौरान चुप रहूंगा।” उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और अन्य संगठनों से यात्रा में समर्थन देने की अपील भी की है।