मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार सुबह एक बड़ी दुर्घटना हुई। पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के पास झिरी नाले में 11 यात्रियों वाली ईको वैन तेज बहाव में फंसकर बह गई। इस हादसे में तीन बच्चों समेत नौ लोगों की जान चली गई। दो युवक तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
पिछले दो दिनों से जिले में भारी बारिश हो रही थी। नाले का जलस्तर बढ़ने से पानी निर्माणाधीन पुल के ऊपर से बहने लगा था। करीब 30 फीट लंबे अधूरे पुल पर पानी छाया होने के कारण ड्राइवर को स्थिति का सही अंदाजा नहीं लग पाया। जब उन्होंने वाहन आगे बढ़ाया तो वैन पानी की तेज धारा में फंसकर नाले में गिर गई।
वैन में सवार सभी लोग देवास जिले के सतवास थाना क्षेत्र के धांसड़ गांव के निवासी थे। वे सतवास से कड़लावद गांव की ओर जा रहे थे। वाहन मुकेश सिंह चौहान के नाम पर पंजीकृत था और उसी समय वे खुद गाड़ी चला रहे थे। मुकेश सिंह और उनके चाचा हुकुम सिंह तैरकर किनारे पहुंच गए। दोनों को सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने ड्राइवर को आगे न बढ़ने की सलाह दी थी, लेकिन चेतावनी के बावजूद वाहन पानी में उतार दिया गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से वैन को बाहर निकाला गया और सभी नौ शव बरामद कर लिए गए। शवों को सारंगपुर ले जाया गया।
मृतकों में शंकर सिंह (50), उनकी पत्नी सागरबाई, हुकुम सिंह की पत्नी रीनू (28), उनका तीन साल का बेटा राजवीर, जसप्रीत, विशाल चौहान और उनकी पत्नी पूजा (27) समेत अन्य शामिल हैं।
सारंगपुर एसडीएम रोहित बम्होरे के अनुसार, रात से हो रही बारिश के कारण कई गांवों में जलभराव हो गया था। राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश मिश्रा ने बताया कि सभी शव बरामद हो चुके हैं और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मुआवजे की घोषणा की। पुलिस ने की जांच शुरू कर दी है।