मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में 8-9 अगस्त की रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। नाइट पेट्रोलिंग के दौरान दो युवकों को खुले में शराब पीते हुए रोकने वाले आरक्षक को ही आरोपियों ने बंधक बना लिया।
पूरा मामला:
शाहपुरा थाने के आरक्षक सुंदर पटेल और उनके साथी मयंक ठाकुर उस रात चार्ली गश्त पर थे। दाना पानी रेस्टोरेंट के पास उन्होंने एक कार में बैठे दो व्यक्तियों को शराब पीते देखा। दोनों को थाने ले जाने को कहा गया। साथी आरक्षक बाइक से आगे बढ़ गए, जबकि सुंदर पटेल आरोपियों की कार में सवार हो गए।
इसके बाद आरोपियों ने थाने की दिशा छोड़कर कार को शहर की ओर मोड़ दिया। वे आरक्षक को कार में बंद रखे हुए घंटों तक अलग-अलग इलाकों में घुमाते रहे। इस दौरान उन पर मारपीट की गई और जंगल में ले जाकर छोड़ देने की धमकी दी गई।
आरक्षक ने मौका देखकर अपने साथी को मोबाइल के जरिए लाइव लोकेशन भेज दी। लोकेशन मिलते ही साथी ने बाइक से पीछा शुरू कर दिया और वायरलेस से पुलिस को अलर्ट किया। जब कार डीबी मॉल के पास जीजी फ्लाईओवर के करीब धीमी हुई, तो सुंदर पटेल ने दरवाजा खोलकर कूदकर अपनी जान बचाई। आरोपी वहां से भाग निकले।
गिरफ्तारी:
पुलिस ने कार के नंबर प्लेट और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से दोनों आरोपियों का पता लगाया। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति भूपेंद्र शर्मा (गंजबासौदा, विदिशा) और ऋषि नामदेव (बागसेवनिया/बावड़िया कला) हैं। दोनों ट्रैवल एजेंसी में ड्राइवर के रूप में काम करते हैं। भूपेंद्र के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास का एक पुराना मामला भी दर्ज है।
शाहपुरा पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपहरण, सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट और धमकी से जुड़े धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने इस घटना की पुष्टि की है। आरोपियों पर सात साल तक की सजा हो सकती है, जबकि अन्य धाराओं में भी सजा का प्रावधान है।