पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारत के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है। इस्लामाबाद में यादगार-ए-फतह स्मारक के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने सिंधु नदी के पानी को पाकिस्तान की लाल रेखा बताया।
शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी छेड़ने या रोकने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर भारत ऐसा कदम उठाता है तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने भारत पर आरोप लगाया कि उसने पिछले साल के सैन्य टकराव के बाद सिंधु जल संधि को एकतरफा तरीके से स्थगित कर शांति की राह में बाधा डाली है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि भारत को सही रास्ते पर लौटना होगा, अन्यथा सीधा और सख्त जवाब मिलेगा। भविष्य में संप्रभुता या सुरक्षा को चुनौती मिलने पर पिछले साल से भी ज्यादा ताकतवर जवाब देने की बात कही।
कश्मीर मुद्दे पर शरीफ ने दोहराया कि पाकिस्तान का रुख कभी नहीं बदलेगा। उन्होंने कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन जारी रखने का ऐलान किया और कहा कि उनकी कुर्बानियों को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। राजनीतिक, राजनयिक और नैतिक समर्थन तब तक जारी रहेगा जब तक कश्मीरी लोगों को उनका हक नहीं मिल जाता।
फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना ने दुश्मन को शिकस्त दी। उन्होंने मुनीर के साहस और नेतृत्व कौशल की सराहना की तथा कहा कि उनके मार्गदर्शन में सशस्त्र बलों ने देश की रक्षा में नया अध्याय जोड़ा।