मथुरा हादसा: ओमेक्स मॉल की छत ढह गई, तीन मजदूरों की दर्दनाक मौत  

शुक्रवार सुबह वृंदावन के रुक्मणि विहार क्षेत्र में बन रहे ओमेक्स कोर्टयार्ड मॉल में एक दर्दनाक हादसा हुआ। छत की ढलाई के दौरान शटरिंग अचानक ढह गई, जिससे मलबे में दबकर तीन मजदूरों की जान चली गई। एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना लगभग सुबह छह से सात बजे के बीच हुई। नाइट शिफ्ट में रात से सुबह तक काम चल रहा था। चौथी मंजिल पर स्लैब या छज्जे की ढलाई के समय शटरिंग भरभराकर गिर पड़ी। उस वक्त पांच से एक दर्जन के आसपास मजदूर मौके पर मौजूद थे। कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और बचाव दल तुरंत पहुंचे।

मृतक और घायल

मृतकों में नेपाल निवासी 42 वर्षीय शिवराम शामिल हैं। बाकी दो मजदूर पश्चिम बंगाल के कूच बिहार क्षेत्र के रफ्यूल (लगभग 28 वर्ष) और आलम (लगभग 30 वर्ष) बताए गए हैं। घायल मजदूर दिलदार (40-45 वर्ष), जो पश्चिम बंगाल के हैं, को पहले स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। उनकी हालत नाजुक देखकर उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।

पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे से शव और घायल निकाले गए। अधिकारियों ने पुष्टि की कि कोई और व्यक्ति फंसा नहीं मिला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी, डीएम और अन्य अधिकारी घटनास्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे का संज्ञान लिया है। थाना वृंदावन को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपकरणों और मानकों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। मजदूर बिना पर्याप्त सुरक्षा के काम कर रहे थे। परिवार वालों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। कुछ परिजनों ने मुआवजे की भी बात कही है।

कंपनी पक्ष की ओर से जनरल मैनेजर ने घटना पर दुख जताया और बताया कि रात आठ बजे से सुबह तक ढलाई का काम चल रहा था। मॉल का निर्माण कार्य हाल ही में शुरू हुआ था। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है कि शटरिंग क्यों गिरी और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं।