मध्य प्रदेश के सीधी जिले में पिछले दो दिनों से जारी तेज बारिश ने बड़ा नुकसान पहुंचाया है। रामपुर नैकिन क्षेत्र के खैरा-डिठौरा मार्ग पर करीब छह महीने पहले 104 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई सड़क मूसलाधार बारिश में कटकर बह गई। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
इस सड़क के बनने से रामपुर नैकिन तक का सफर करीब 30 किलोमीटर छोटा हो गया था। अब मार्ग टूटने से स्थानीय लोगों को फिर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है और कई गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है।
खड्डी इलाके में भंवरसेन पहाड़ मार्ग पर भी भूस्खलन हुआ। पहाड़ से मिट्टी और बड़े पत्थर सड़क पर गिरने से रास्ता बंद हो गया। इससे रीवा, सतना और रामपुर नैकिन के बीच चलने वाली रात्रिकालीन बसें प्रभावित हुईं। किसानों की धान नर्सरी और अरहर की फसल को भी नुकसान हुआ है।
तहसीलदार आशीष मिश्रा के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही जल निकासी का इंतजाम किया गया और मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है ताकि जल्द आवागमन बहाल हो सके।
पूर्वी मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम
राज्य में मानसूनी ट्रफ, लो प्रेशर और अन्य सिस्टम सक्रिय हैं। पूर्वी हिस्से में लगातार भारी बारिश हो रही है। कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग ने 16 जिलों में भारी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सिवनी और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट है, जहां 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर, दमोह, रायसेन, विदिशा समेत अन्य जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। सीधी सहित कई जगहों पर हल्की से तेज बारिश हो सकती है।