भारत की अध्यक्षता में हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक साथ ली गई तस्वीरें सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। भारत मंडपम में आयोजित फोटो सेशन के दौरान पीएम मोदी दोनों नेताओं के बीच खड़े नजर आए और उन्होंने दोनों का हाथ थाम लिया। ये तस्वीरें तीनों देशों के बीच कूटनीतिक गर्माहट का प्रतीक मानी जा रही हैं।
सम्मेलन के पहले दिन की इन तस्वीरों में तीनों नेता मुस्कुराते हुए हाथ मिलाते दिखे। दूसरे दिन की सामूहिक फोटो में भी पीएम मोदी केंद्र में थे, जबकि उनके दोनों तरफ पुतिन, जिनपिंग और अन्य सदस्य देशों के नेता मौजूद थे। शी जिनपिंग लंबे अंतराल के बाद भारत आए हैं, जबकि पुतिन पिछले कुछ वर्षों में पहली बार रूस के बाहर ब्रिक्स बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए।
पीएम मोदी का संबोधन: जुड़ी दुनिया में संकट सीमा नहीं मानता
सम्मेलन के दूसरे दिन लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया में देश एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी एक जगह आने वाला संकट अब केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दूसरे देशों पर भी असर डालता है।
उन्होंने महामारी, जलवायु संबंधी आपदाओं और आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावटों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन घटनाओं ने साबित कर दिया है कि वैश्विक स्तर पर संकट फैल सकता है। इसलिए ब्रिक्स देशों को मिलकर लचीलापन बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। चुनौतियों को जल्दी पहचानना, पहले से तैयारी रखना और तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक है।
पीएम मोदी ने तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों को दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने के खतरे की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि इससे साझा विकास में बाधा आ सकती है, इसलिए तकनीक को सभी के लिए सुलभ बनाने पर ध्यान देना चाहिए।