मध्य प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में मानसून का सिस्टम फिर से मजबूत हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को उज्जैन सहित सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर शामिल हैं। यहां 65 से 115 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
रविवार को इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में तीन मानसूनी सिस्टम एक साथ सक्रिय रहे। लो प्रेशर और ट्रफ के प्रभाव से इन इलाकों में अच्छी बारिश हुई। बड़वानी में नदियां और नाले उफान पर आ गए। कई जगह तालाब ओवरफ्लो हो गए। टीकमगढ़ और भोपाल में बांधों के गेट भी खोले गए। इंदौर, रतलाम, मुरैना और आसपास के जिलों में भी तेज बारिश दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 14 सितंबर को भी पश्चिमी जिलों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। सिस्टम राजस्थान और गुजरात की तरफ बढ़ रहा है, इसलिए इसका असर कुछ समय और बना रह सकता है। 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।