मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्रों में कुकी और नगा समुदायों के बीच बढ़ते तनाव के कारण पिछले सात दिनों से कई जगहों पर स्कूल और बाजार पूरी तरह बंद पड़े हैं। लोग डर के मारे दिन के समय भी घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने से कांगपोकपी जिले के कुछ गांवों में चीनी 400 से 450 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। चिकित्सा सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं।
पिछले चार दिनों में चार महिलाओं सहित छह कुकी लोगों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। कुकी संगठनों का आरोप है कि ये हमले नगा उग्रवादियों द्वारा किए गए। स्थानीय संगठनों के मुताबिक फरवरी 2026 में शुरू हुए इस नए दौर की हिंसा में अब तक इस साल करीब 40 लोगों की जान जा चुकी है।
13 सितंबर को तमेंगलोंग और नोनी जिलों में अलग-अलग हमलों में चार कुकी नागरिक मारे गए, जिनमें दो महिलाएं शामिल थीं। एक छह वर्षीय बच्चा भी घायल हुआ। 15 सितंबर को तमेंगलोंग के लिजंगफाई गांव में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे खेत में काम या जलावन इकट्ठा करने गई थीं। कुछ फार्महाउस भी जलाए गए।
हिंसा के कारण पहाड़ी जिलों में आवागमन प्रभावित है। कांगपोकपी में बाजार बंद रहने के दौरान दोनों समुदायों के बीच पत्थरबाजी की घटना भी हुई। स्थानीय लोग बताते हैं कि खेतों में काम करना भी असुरक्षित हो गया है। एक निवासी ने कहा कि जिले के मुख्यालय में भी जरूरी सामान मुश्किल से उपलब्ध है, जबकि दूरदराज के गांवों में कीमतें बहुत बढ़ गई हैं।