लखनऊ एयरपोर्ट लेबर कैंप में भड़की आग, PVC के 17 कमरे जले 

मंगलवार सुबह चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर के नजदीक टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा बनाया गया अस्थायी मजदूर शिविर आग की चपेट में आ गया। करीब 6:30 से 6:50 बजे के बीच शुरू हुई इस आग ने पीवीसी पैनल से बनी तीन मंजिला इमारत के 17 कमरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

इस कैंप में कुल 33 छोटे कमरे थे, जहां एयरपोर्ट क्षेत्र में निर्माण कार्य कर रहे करीब 300 से 500 मजदूर रह रहे थे। प्लास्टिक की संरचना होने के कारण आग बहुत तेजी से फैली और आसमान में उठे काले धुएं का गुबार दो किलोमीटर दूर तक साफ नजर आ रहा था। कुछ जगहों पर एलपीजी सिलेंडरों से धमाके भी हुए।

जान बचाने की कोशिश में दो मजदूर घायल

हादसे में दो मजदूर घायल हुए। बिहार के सहरसा निवासी 30 वर्षीय निर्मल को मामूली जलन हुई, जबकि प्रतापगढ़ के 26 वर्षीय राहुल कुमार ने आग से बचने के लिए दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई। कूदने के दौरान उन्हें चोटें आईं। दोनों का इलाज कराया गया। किसी की जान नहीं गई और बाकी सभी मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आग बैरक नंबर 9 में खाना बनाते समय लगी। कंपनी का कहना है कि मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है और कैंप के अंदर अनधिकृत तरीके से खाना पकाने या ज्वलनशील पदार्थ रखने की मनाही है।

दमकल की टीमों ने पाया नियंत्रण

सूचना मिलते ही एयरपोर्ट सुरक्षाकर्मियों, सरोजनीनगर पुलिस और फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। 30 से 60 मिनट की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। यह कैंप टर्मिनल से कुछ सौ मीटर की दूरी पर था। हवाई अड्डे के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। मजदूरों के निजी सामान भी आग में नष्ट हो गए हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आग आसपास के इलाकों में नहीं फैली और सभी निवासियों को सुरक्षित बचा लिया गया। जांच अभी जारी है।