‘भारत में तुम्हारी दाल क्यों नहीं गल रही?’ शिवराज का विपक्ष पर तंज

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को ‘रिजीम चेंज गैंग’ पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता झूठे नैरेटिव और षड्यंत्रों से प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं, किसानों, माताओं-बहनों और आम नागरिकों का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि ‘रिजीम चेंज गैंग’ की योजना इसलिए सफल नहीं हो पा रही क्योंकि देशवासी उस नेतृत्व पर विश्वास रखते हैं जिसने भारत का सिर दुनिया के सामने ऊंचा किया, आत्मविश्वास जगाया और हर चुनौती का डटकर सामना किया। उन्होंने कहा कि आज का भारत न तो झूठे नैरेटिव से भटकता है, न षड्यंत्रों से डरता है और न ही देश को कमजोर करने वाली सोच के आगे झुकता है।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, जनता का यह विश्वास किसी फर्जी प्रचार पर नहीं, बल्कि काम, संकल्प और ईमानदार नेतृत्व पर टिका है। यही विश्वास नए भारत की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा ही वह मजबूत दीवार है, जिससे टकराकर ‘रिजीम चेंज गैंग’ के सपने बार-बार टूट जाते हैं।

एक दिन पहले का तंज

रविवार को शिवराज सिंह चौहान ने एक अन्य पोस्ट में ‘रिजीम चेंज गैंग’ का जिक्र करते हुए कहा था कि यह समूह रोज सत्ता बदलने के सपने देखता है, साजिशें रचता है, झूठ फैलाता है और नैरेटिव गढ़ता है। लेकिन जनता के जनादेश के आगे उनके सपने साबुन के बुलबुले की तरह फूट जाते हैं।

उन्होंने हाल के चुनावी नतीजों का हवाला दिया। पंजाब यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी और ओडिशा के कई विश्वविद्यालयों में एबीवीपी की जीत, गुजरात के निकाय चुनाव तथा असम, बंगाल और पुडुचेरी के उपचुनाव परिणामों को उन्होंने जनता के असली मूड का प्रमाण बताया। उनका कहना था कि गांव हो या शहर, युवा हों या आम लोग जनता का रुख ‘रिजीम चेंज गैंग’ की स्क्रिप्ट से बिल्कुल अलग है।

हर हार के बाद उठने वाले सवाल पर तंज कसते हुए उन्होंने लिखा कि भारत में इनकी दाल क्यों नहीं गल रही। उन्होंने ‘रिजीम चेंज गैंग’ को आत्ममंथन करने की सलाह दी और कहा कि अगर बात समझ न आए तो वे अगले दिन इसका कारण बताएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के लिए देश का सम्मान और 140 करोड़ नागरिकों का भविष्य सबसे ऊपर है। जनता का विश्वास प्रचार या आरोपों से नहीं, बल्कि वास्तविक काम और ईमानदारी से बनता है।