अमित शाह वाले केस में राहुल गांधी की बड़ी जीत, जज ने 10 मिनट में सुनाया फैसला

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मुकदमे में बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित विशेष सांसद-विधायक अदालत ने सोमवार को उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया। यह मामला 2018 से चल रहा था।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने फैसला सुनाया। राहुल गांधी खुद अदालत में मौजूद थे। वे सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे परिसर पहुंचे और करीब चौदह मिनट बाद बाहर निकले। जज ने लगभग दस मिनट में पूरे प्रकरण का सार बताते हुए बरी करने के आधार स्पष्ट किए।

मामले की पृष्ठभूमि

2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बेंगलुरु में एक प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने तब के भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि स्वच्छ राजनीति का दावा करने वाली पार्टी के अध्यक्ष हत्या के आरोपी रहे हैं। यह संदर्भ 2005 के सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर मामले से जुड़ा था, जिसमें अमित शाह को 2014 में विशेष अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था।

सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में इस टिप्पणी को मानहानिकारक बताते हुए अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दायर किया था।

अदालत के फैसले के तीन मुख्य आधार

  1. टिप्पणी को मानहानि की श्रेणी में नहीं माना गया।
  2. शिकायतकर्ता की ओर से ठोस और पर्याप्त सबूत पेश नहीं हो सके।
  3. बयान सदभावना से दिया गया था तथा उसे संदर्भ से अलग करके पेश किया गया था। बचाव पक्ष की इन दलीलों को अदालत ने स्वीकार किया।

अदालत के फैसले के तीन मुख्य आधार

  1. टिप्पणी को मानहानि की श्रेणी में नहीं माना गया।
  2. शिकायतकर्ता की ओर से ठोस और पर्याप्त सबूत पेश नहीं हो सके।
  3. बयान सदभावना से दिया गया था तथा उसे संदर्भ से अलग करके पेश किया गया था। बचाव पक्ष की इन दलीलों को अदालत ने स्वीकार किया।

फैसला आने के बाद कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। उन्होंने नारे लगाए और मिठाई बांटी। पार्टी नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया। राहुल गांधी ने मीडिया से कोई बातचीत किए बिना परिसर छोड़ दिया।