अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प समर्थित रिपब्लिकन पार्टी को व्यापक स्तर पर हार का सामना करना पड़ा।
मतदाताओं ने महंगाई, ईरान से जुड़े मुद्दों और ट्रम्प प्रशासन की नीतियों के खिलाफ अपना रुख साफ कर दिया। डेमोक्रेट्स ने कई ऐसे राज्यों में सीटें जीतीं जो लंबे समय से रिपब्लिकन गढ़ माने जाते थे। इनमें टेक्सास, कैनसस, साउथ कैरोलिना, आयोवा, नॉर्थ कैरोलिना और ओहायो जैसी सीनेट सीटें शामिल हैं। हाउस में भी उन्होंने बड़ी संख्या में सीटें पलट लीं।
इस चुनाव का एक ऐतिहासिक पहलू मिशिगन की सीनेट रेस रहा। डेमोक्रेट उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराया। मिस्र मूल के प्रवासी परिवार में जन्मे अल-सैयद डॉक्टर और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ हैं। उनकी जीत के साथ वे अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले पहले मुस्लिम सदस्य बन गए हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्प ने अल-सैयद पर तीखे हमले किए थे। उन्होंने उन्हें ‘जिहादी’ करार दिया था और उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए थे। अल-सैयद ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसे हमले मुद्दों से ध्यान भटकाने वाले हैं।
डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों पर नियंत्रण से ट्रम्प के शेष कार्यकाल में उनके एजेंडे को चुनौती मिलने की संभावना बढ़ गई है। ट्रम्प ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे खुद मतपत्र पर नहीं थे।