आजकल वर्कआउट का क्रेज हर तरफ है। लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं, रनिंग करते हैं, और अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। यह एक अच्छी आदत है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वर्कआउट के जुनून में कहीं आप अपने दिल को नजरअंदाज तो नहीं कर रहे हैं? अगर ऐसा है, तो यह हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकता है।
दिल शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह लगातार काम करता रहता है, रक्त पंप करता है और हमारे पूरे शरीर को आॅक्सीजन व पोषक तत्व पहुंचाता है। जब हम वर्कआउट करते हैं, तो दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यदि आप सही तरीके से वर्कआउट नहीं करते या अपनी क्षमता से अधिक जोर लगाते हैं, तो यह आपके दिल के लिए हानिकारक हो सकता है।
ज्यादा वर्कआउट और हार्ट अटैक का संबंध
आपने अक्सर सुना होगा कि अति हर चीज की बुरी होती है। यह बात वर्कआउट पर भी लागू होती है। अत्यधिक या गलत तरीके से किया गया वर्कआउट आपके दिल को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है-:
- अरिथमिया: बहुत ज्यादा इंटेंस वर्कआउट से दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। इसे अरिथमिया कहते हैं, जो कभी-कभी गंभीर हार्ट प्रॉब्लम्स का कारण बन सकता है।
- दिल की मांसपेशियों में सूजन: अत्यधिक जोर लगाने से दिल की मांसपेशियों में सूजन आ सकती है, जिसे मायोकार्डिटिस कहते हैं। यह दिल के कार्य को प्रभावित कर सकता है।
- प्लाक टूटना: यदि आपकी धमनियों में पहले से ही प्लाक जमा है (जो कोलेस्ट्रॉल और फैट से बनता है), तो अत्यधिक परिश्रम से यह प्लाक टूट सकता है। यह तुरंत रक्त का थक्का बना सकता है, जिससे हार्ट अटैक आ सकता है
- ओवरट्रेनिंग सिंड्रोम: लगातार बिना पर्याप्त आराम के वर्कआउट करने से शरीर पर अत्यधिक तनाव पड़ता है। इससे हार्मोनल असंतुलन, थकान और दिल पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है।
- समझदारी से करें वर्कआउट: कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपने दिल को सुरक्षित रखते हुए फिट रह सकते हैं.
- धीरे-धीरे शुरुआत करें: अगर आप नए हैं, तो हल्के वर्कआउट से शुरू करें और धीरे-धीरे इंटेंसिटी बढ़ाएं।
- अपनी सीमा जानें: अपने शरीर की सुनें। यदि आपको चक्कर आना, सीने में दर्द, या सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी हो, तो तुरंत रुक जाएं।
- वार्म-अप और कूल-डाउन: वर्कआउट से पहले वार्म-अप और बाद में कूल-डाउन करना न भूलें। यह दिल को धीरे-धीरे एडजस्ट करने में मदद करता है.
- पर्याप्त आराम: मांसपेशियों को रिकवर होने का समय दें।