त्योहारी सीजन से पहले देशवासियों को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर किए गए वादे के अनुसार जीएसटी काउंसिल ने टैक्स ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। अब उपभोक्ताओं को एयर कंडीशनर, बड़े स्क्रीन टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसी जरूरी घरेलू वस्तुएं पहले से सस्ती कीमत पर उपलब्ध होंगी।
3 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में आयोजित जीएसटी काउंसिल की बैठक में 12% और 28% टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया गया। अब केवल दो टैक्स दरें ही लागू होंगी – 5% और 18%। महंगे टैक्स वाले उत्पाद जैसे एयर कंडीशनर और बड़े टीवी, जो अब तक 28% स्लैब में आते थे, उन्हें 18% की श्रेणी में लाया गया है। वहीं 12% टैक्स वाले सामान को उनके वर्गीकरण के अनुसार 5% या 18% स्लैब में शामिल किया गया है।
क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि कीमतों में सीधा असर दिखेगा। एयर कंडीशनर की कीमतों में लगभग ₹1,500 से ₹2,500 तक की कमी आ सकती है। पैनासोनिक इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा के अनुसार, कुल मिलाकर कीमतें 6–7% तक कम हो जाएंगी। गॉदरेज अप्लायंसेज के कमल नंदी का कहना है कि एसी के सस्ते होने से भारत में अब तक सिर्फ 9–10% घरों में मौजूद कूलिंग समाधान की पहुंच और ज्यादा फैलेगी।
ब्लू स्टार के एमडी बी. थियागराजन ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ताओं और उद्योग दोनों के लिए फायदेमंद है और इसे जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। वोल्टास और हैवेल्स जैसी कंपनियों ने भी उम्मीद जताई कि त्योहारी सीजन में मांग बढ़ेगी। दरअसल, जून तिमाही में शुरुआती मानसून और असामान्य बारिश की वजह से इन कंपनियों के एसी सेक्टर की बिक्री में 34% तक की गिरावट दर्ज की गई थी।
सरकार की मंशा
2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा सरलीकरण माना जा रहा है। टैक्स स्लैब कम होने से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि बाजार में खपत भी बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग आधुनिक घरेलू उपकरण खरीद सकें और उनकी जीवनशैली में सुधार आए।
त्योहारी सीजन के ठीक पहले लागू हुआ यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “दिवाली गिफ्ट” बनकर आया है। अब घर-घर में सस्ते दामों पर जरूरी घरेलू सामान पहुंच सकेगा और उपभोक्ताओं की जेब पर कम बोझ पड़ेगा।