100 ए-बसों के आने की तैयारी, लेकिन अब तक नहीं बने बसों के लिए हाईटेक डिपो

नगर निगम, शासन-प्रशासन की योजनाओं को अमली जामा पहनाने में लगातार पिछड़ रहा है। ताजा उदाहरण है कि आने वाले दो-तीन माह यानी जनवरी, 2026 तक शहर में संचालित होने के लिए करीब 100 ई- बसों को लाने की तैयारी है। लेकिन अब तक न तो निगम प्रशासन ने इन बसों के खड़े होने के लिए हाईटेक व तकनीकी से लेस बस डिपो बनाने की पहल की है और न ही अब तक यह तय हो पाया है कि ये डिपो शहर के किस स्थान पर बनेंगे। ऐसे में एक बार फिर राजधानी की एक बड़ी योजना का पलीता लग सकता है। बताया जा रहा है कि राजधानी में अगले साल करीब 100 ई-बसों का संचालन करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगम को इन बसों को खड़ा करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने सहित अन्य व्यवस्थाओं को उपलब्ध कराने के लिए सुव्यवस्थित डिपो बनाने के लिए जगह चिह्नित करने के आदेश दिए थे। इन बसों को खड़ा करने के लिए 25 करोड़ रुपए से अधिक राशि को डिपो बनाने के लिए प्रस्तावित किया गया था।

शहर में रोजाना 200 किलोमीटर चलेंगी ई-बस

जिस बस ऑपरेशन को काम दिया जाएगा, वह निर्धारित नियम के आधार पर रोजाना 180 से 200 किलोमीटर बसों का संचालन करेगा। चाहे बस में सवारी मिले या ना मिले, ऑपरेशन को अपने निर्धारित रूट पर आवाजाही करनी ही होगी। केंद्र सरकार प्रति बस प्रति किमी 22 रुपए सब्सिडी देगा, शेष राशि स्थानीय निकाय यानी भोपाल नगर निगम प्रशासन को देना होगा।

अभी बीसीएलएल चला रहा बस

अभी नगर निगम भोपाल की होल्डिंग कंपनी भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड करीब आधा दर्जन रूट पर मात्र 50-60 बसें ही संचालित कर रहा है। कुछ पहले तक 24 रूट्स पर 350 से अधिक बसें संचालित हुआ करती थीं। बताया जा रहा है कि 9 मीटर वाली ई-बसें सिंगल चार्ज में 180 किलोमीटर और 7 मीटर वाली ई-बसें 160 किलोमीटर तक चल सकती हैं। प्रदूषण कम करने के लिए भोपाल में प्रधानमंत्री ई- बस सेवा योजना के तहत इन ई-बसों का संचालन करने का निर्णय लिया गया है।