भोपाल/चेन्नई: मध्य प्रदेश में दूषित ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश सरकार की SIT टीम ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात तमिलनाडु के चेन्नई में दबिश देकर दवा कंपनी श्रीसन फार्मा (Sresan Pharmaceuticals) के डायरेक्टर गोविंदन रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया है। रंगनाथन पर ₹20 हजार का इनाम था और वह अपनी पत्नी के साथ फरार चल रहा था।
मौत का आंकड़ा बढ़कर 24 हुआ; केमिकल खरीद में बड़ा घोटाला
कफ सिरप पीने के बाद किडनी फेल होने से जान गंवाने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। हाल ही में छिंदवाड़ा के उमरेठ निवासी 3 वर्षीय मयंक सूर्यवंशी ने नागपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जांच में खुलासा हुआ है कि सिरप ‘नॉन फार्मास्यूटिकल ग्रेड’ केमिकल से तैयार किया गया था। कंपनी ने प्रोपलीन ग्लायकॉल के 100 किलो जहरीले केमिकल की खरीद की थी, जिसका न कोई बिल मिला है और न ही कोई एंट्री रिकॉर्ड में मौजूद है। मालिक ने भुगतान कैश या G-Pay से करने की बात कबूली है।
जहरीले DEG की रिकॉर्ड तोड़ मात्रा
जांच रिपोर्ट में कोल्ड्रिफ सिरप की चौंकाने वाली गुणवत्ता सामने आई है, लैब जांच में सिरप में डाईएथिलीन ग्लायकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लायकॉल (EG) जैसे जहरीले रसायनों की मौजूदगी तय सीमा से 486 गुना अधिक पाई गई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह मात्रा न सिर्फ बच्चों के लिए, बल्कि हाथी जैसे बड़े जानवर की किडनी और ब्रेन को भी नष्ट कर सकती है।
दस्तावेज छिपाने का प्रयास और अन्य स्टॉक जब्त
कंपनी ने 25 मार्च 2025 को चेन्नई की सनराइज बायोटेक से दवा बनाने के लिए अनुपयुक्त (Non-Pharmaceutical Grade) प्रोपलीन ग्लायकॉल खरीदा था, जिसकी शुद्धता जांची ही नहीं गई। जांच टीम ने पाया कि घटिया केमिकल का स्टॉक मौजूद नहीं था, जिससे शक है कि कंपनी ने दस्तावेज छिपाने और केमिकल को तेजी से खत्म करने की कोशिश की। SIT ने कंपनी से महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाओं के नमूने और प्रोडक्शन रिकॉर्ड जब्त किए हैं। जांच दल को छिंदवाड़ा भेजने के लिए तैयार बैच नंबर SR-13 की 589 बॉटल कोल्ड्रिफ सिरप भी मिली थीं।