CDS जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान के झूठे दावों का किया खंडन, ब्लूमबर्ग इंटरव्यू में खोली पोल

सिंगापुर: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने अमेरिकी समाचार चैनल ब्लूमबर्ग को दिए एक साक्षात्कार में पाकिस्तान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उसने भारत के छह लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया था. यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा किए गए दावे के ठीक उलट है, जिसमें उन्होंने ऐसा आरोप लगाया था.

पाकिस्तान के दावों को CDS ने बताया ‘बिल्कुल गलत’

ब्लूमबर्ग के प्रश्न के जवाब में, जनरल चौहान ने पाकिस्तान के दावों को ‘बिल्कुल गलत’ करार दिया. हालांकि, उन्होंने संघर्ष के दौरान भारतीय लड़ाकू विमानों को हुए नुकसान को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने विशिष्ट संख्या का खुलासा नहीं किया. CDS वर्तमान में शांगरी-ला डायलॉग में भाग लेने के लिए सिंगापुर में हैं, जहां उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की.

सामरिक त्रुटियों को समझना और सुधारना महत्वपूर्ण

विमानों को हुए नुकसान के संबंध में पूछे जाने पर, CDS ने जोर देकर कहा कि यह पता लगाना अधिक महत्वपूर्ण है कि नुकसान क्यों हुआ, ताकि सेना अपनी रणनीतियों में सुधार कर सके और प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई कर सके. उन्होंने कहा, “यह अच्छी बात है कि हम अपनी सामरिक गलतियों को समझने में सक्षम थे, जिन्हें हमने सुधारा और फिर दो दिनों के भीतर लागू किया. हमने अपने सभी जेट विमानों को फिर से लंबी दूरी पर निशाना बनाकर उड़ाया.” यह दर्शाता है कि भारतीय सेना ने अपनी त्रुटियों से सीखा और अपनी परिचालन क्षमताओं को तेजी से अनुकूलित किया.

‘फर्जी खबरों से मुकाबले में लगा समय’

शांगरी-ला डायलॉग के दौरान, जनरल चौहान ने फर्जी खबरों का मुकाबला करने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि सशस्त्र बलों का लगभग 15% समय ऐसी गलत सूचनाओं से निपटने में व्यतीत होता है. CDS ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने हमेशा अपने नैरेटिव को ठोस आधार पर बनाया है, भले ही कभी-कभी उन्हें प्रस्तुत करने में धीमा रहा हो. उन्होंने कहा, “इन ऑपरेशनों में सीधे तौर पर शामिल होने के नाते मैं कह सकता हूं कि साइबर ने संघर्ष में भूमिका निभाई, लेकिन इसका प्रभाव सीमित था.” यह टिप्पणी विदेश सचिव विक्रम मिस्री के पिछले बयान की पुष्टि करती है, जिन्होंने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान गलत सूचना फैलाने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की थी, यह दर्शाता है कि भारत ऐसी सूचना युद्ध की रणनीतियों से अवगत है और उनका मुकाबला करने के लिए सक्रिय कदम उठाता है.