देशभर में जल्द आएगी नई टोल नीति: जितनी यात्रा, उतना टोल; Fastag और कैमरे से होगा भुगतान

देश के एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए जल्द ही एक बड़ी राहत मिलने वाली है। सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार एक नई टोल नीति लाने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य टोल भुगतान प्रणाली को अधिक कुशल, पारदर्शी और किफायती बनाना है। इस नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक टोल बूथ पर Fastag और कैमरे लगाए जाएंगे, जो टोल वसूली का आधार बनेंगे।

जितनी यात्रा, उतना टोल: एक बड़ा बदलाव

नई नीति की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि अब टोल का भुगतान जितने किलोमीटर की यात्रा की गई है, उसी के अनुपात में होगा। वर्तमान में, टोल प्लाजा पर एक निश्चित दूरी के लिए टोल लिया जाता है, भले ही वाहन चालक उस पूरी दूरी की यात्रा न करे। इस बदलाव से यात्रियों को केवल तय की गई दूरी के लिए भुगतान करना होगा, जिससे यह प्रणाली अधिक न्यायसंगत बन जाएगी। कैमरा वाहन की नंबर प्लेट को चेक करेगा, जबकि Fastag सीधे बैंक अकाउंट से टोल का पैसा काटेगा। इससे टोल बूथों पर लगने वाली लंबी-लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और यात्रा अधिक सुगम होगी। यह नई प्रणाली न केवल किफायती होगी, बल्कि मौजूदा व्यवस्था की तुलना में कहीं अधिक सुविधाजनक भी साबित होगी।

टोल राजस्व में उत्तर प्रदेश सबसे आगे

संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 की अप्रैल-फरवरी अवधि में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के माध्यम से राजस्व जुटाने वाले राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि फरवरी 2025 तक उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से 7,060 करोड़ रुपये का सर्वाधिक टोल एकत्र किया गया। इसके बाद राजस्थान ने 5,967.13 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र ने 5,115.38 करोड़ रुपये का टोल एकत्र किया। गडकरी ने उस समय यह भी बताया था कि सरकार टोल ‘पास’ प्रणाली के विवरण पर काम कर रही है, और इसके कार्यान्वयन के वित्तीय प्रभावों का पता विवरण को अंतिम रूप दिए जाने के बाद चलेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि देश में टोल संग्रह प्रणाली कितनी महत्वपूर्ण हो गई है और नई नीति से इसमें और भी दक्षता आने की उम्मीद है।