मणिपुर में शांति बहाली के प्रयासों के तहत, मणिपुर पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), भारतीय सेना और असम राइफल्स द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान को बड़ी सफलता मिली है. 13-14 जून की मध्य रात्रि में घाटी के पांच जिलों के बाहरी इलाकों में चलाए गए इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया है. इस बरामदगी से क्षेत्र में किसी बड़ी हिंसक साजिश के नाकाम होने का संकेत मिलता है.
बरामद हथियारों का विवरण और पुलिस का बयान
मणिपुर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) लहरी दोरजी ल्हाटू ने इस अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि, “मणिपुर पुलिस, सीएपीएफ, सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीमों द्वारा 13-14 जून की मध्य रात्रि में घाटी के 5 जिलों के बाहरी इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया था. इस दौरान बड़ी संख्या में विस्फोटक और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई.”
बरामद किए गए हथियारों में 151 एसएलआर (SLR) राइफलें, 65 इंसास (INSAS) राइफलें, 73 अन्य प्रकार की राइफलें, 5 कार्बाइन गन, 2 एमपी-5 (MP-5) गन सहित भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य युद्ध सामग्री शामिल है. एडीजीपी ल्हाटू ने बताया कि बरामद की गई कुल बंदूकों और राइफलों की संख्या 328 है. उन्होंने इसे “खुफिया-आधारित ऑपरेशन” बताया और कहा कि यह मणिपुर पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए सामान्य स्थिति बहाल करने, सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों तथा उनकी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उनके निरंतर प्रयासों में एक बड़ी उपलब्धि है.
हिंसक गतिविधियों पर लगाम लगाने का निरंतर प्रयास
यह उल्लेखनीय है कि मणिपुर में हिंसक गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा लगातार और सघन अभियान चलाए जा रहे हैं. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा मिलना स्पष्ट रूप से किसी बड़ी और संभावित रूप से विनाशकारी साजिश को उजागर करता है. यदि ये हथियार सक्रिय हो जाते, तो इससे क्षेत्र में और भी अधिक तबाही मच सकती थी, जिसे सुरक्षाबलों की इस त्वरित और सफल कार्रवाई ने रोक दिया. सुरक्षाबलों ने गुप्त सूचना के आधार पर सटीक कार्रवाई की और इस बड़े ऑपरेशन में उल्लेखनीय सफलता हासिल की.
मई के अंत से ही सुरक्षाबलों द्वारा एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न टीमें शामिल हैं. इस अभियान के तहत पहले भी 23 संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया था और उस दौरान भी बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए गए थे. सुरक्षाबलों का दृढ़ संकल्प है कि वे इस तरह की हिंसक गतिविधियों के खिलाफ अंत तक लड़ते रहेंगे और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करेंगे. गौरतलब है कि मणिपुर हिंसा हाल के दिनों में पूरे देश में चर्चा का विषय रही थी, और इस तरह की सफलताएं शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.