उत्तर प्रदेश में बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं एक गंभीर समस्या बन गई हैं. हाल ही में प्रयागराज में एक ही परिवार के चार लोगों की जान जाने जैसी दुखद घटनाएं इसकी भयावहता बताती हैं. पिछले तीन-चार सालों के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में हर साल औसतन 300 लोगों की मौत बिजली गिरने से हो रही है. इन घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गंभीरता से मंथन कर रही है.
सीएम योगी ने की इसरो प्रमुख से मुलाकात
इस समस्या के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ (लेख में वी. नारायणन लिखा है जो पूर्व अध्यक्ष थे) ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. यह मुलाकात करीब आधे घंटे तक चली, जिसमें उत्तर प्रदेश के लिए एक अलग सैटेलाइट की संभावनाओं, रिमोट सेंसिंग तकनीक के इस्तेमाल और विकास कार्यों में अंतरिक्ष विज्ञान के सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई. इस दौरान उत्तर प्रदेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
आकाशीय बिजली की पूर्व चेतावनी प्रणाली पर मंथन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में हर साल आकाशीय बिजली गिरने से हो रही मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने इस मुद्दे पर इसरो प्रमुख से लंबी बातचीत की और उनसे उत्तर प्रदेश के लिए एक विशेष सैटेलाइट तैयार करने का आग्रह किया, जिससे बिजली गिरने की पूर्व चेतावनी दी जा सके. मुख्यमंत्री की इस पहल के जवाब में, इसरो प्रमुख ने बताया कि उनकी टीम एक ऐसा सिस्टम विकसित करने पर काम कर रही है, जिससे बिजली गिरने से पहले अलर्ट जारी किया जा सकेगा. यह कदम निश्चित रूप से आकाशीय बिजली से होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक होगा और प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.