Gambhira Bridge collapses in Vadodara: गुजरात के वडोदरा जिले से एक गंभीर हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी है। वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाला महत्त्वपूर्ण गंभीरा पुल अचानक नदी में ढह गया। इस हादसे के वक्त पुल पर कई वाहन गुजर रहे थे, जो पुल के साथ ही पानी में समा गए। यह घटना सोमवार सुबह उस समय हुई जब आवाजाही अपने सामान्य स्तर पर थी। अचानक हुई इस दुर्घटना से आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत बचाव दल मौके पर पहुंचा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 4 से 5 गाड़ियां पुल सहित नदी में गिर गईं। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हैं। पहले मृतकों की संख्या दो बताई जा रही थी, लेकिन गुजरात सरकार में मंत्री ऋषिकेश पटेल ने पुष्टि की है कि यह आंकड़ा अब बढ़कर तीन हो चुका है।
#WATCH | Vadodara, Gujarat | The Gambhira bridge on the Mahisagar river, connecting Vadodara and Anand, collapses in Padra; local administration present at the spot. pic.twitter.com/7JlI2PQJJk
— ANI (@ANI) July 9, 2025
गंभीर हालातों के बीच फौरन राहत कार्य शुरू कर दिए गए। स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, मृतकों की पहचान और घायलों की स्थिति की जांच की जा रही है। घटनास्थल से कुछ दर्दनाक दृश्य सामने आए हैं, जिसमें क्षतिग्रस्त वाहन पानी में बहते नजर आए।
गंभीरा पुल, जो महिसागर नदी पर बना हुआ था, वडोदरा और आणंद के बीच आवागमन का एक प्रमुख जरिया था। पुल के अचानक गिर जाने से दोनों शहरों के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह से बाधित हो गया है। हादसे के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। पुलिस प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था कर ट्रैफिक को डायवर्ट करना शुरू कर दिया है। हालांकि, अब इस मार्ग के बंद हो जाने से यात्रियों को वडोदरा और आणंद के बीच करीब 40 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस हादसे को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता अमित चावड़ा ने घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि गंभीरा पुल लंबे समय से जर्जर हालत में था और इसकी स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन से शिकायतें की गई थीं। बावजूद इसके, मरम्मत और सुरक्षा उपायों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जो इस हादसे का बड़ा कारण हो सकता है।
घटना के बाद राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं। इंजीनियरों और स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें मौके पर भेजी गई हैं, जो पुल के गिरने के पीछे की संभावित वजहों की जांच कर रही हैं। प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता राहत कार्यों को तेज करना, घायलों को उचित इलाज मुहैया कराना और यातायात व्यवस्था को बहाल करना है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर राज्य की बुनियादी ढांचे की हालत और उसके रख-रखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।