Electricity Theft Bhopal: राजधानी भोपाल में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली कंपनी के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि हर साल हज़ारों मामले दर्ज होने के बावजूद बिजली चोर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं, बल्कि नए-नए तरीके अपनाकर इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं.
बिजली चोरी के मामलों में रिकॉर्ड उछाल
बिजली कंपनी के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में घरेलू बिजली चोरी के मामलों की संख्या बढ़कर 17,347 हो गई है. यह आंकड़ा पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 9,127 था. इसका मतलब है कि सिर्फ एक साल में ही बिजली चोरी के मामलों में लगभग 90 प्रतिशत की चौंकाने वाली बढ़ोतरी हुई है, जो बिजली वितरण प्रणाली के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है.
टेक्नीशियन और हाई-टेक डिवाइस का इस्तेमाल
बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि अब लोग बिजली मीटर में छेड़छाड़ के लिए पेशेवर टेक्नीशियनों का सहारा ले रहे हैं. इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने इलेक्ट्रिकल ट्रेड से आईटीआई किया है. इन शातिर चोरों ने मीटर में छेड़छाड़ के पुराने तरीकों को छोड़कर अब हाई वोल्टेज फ्रीक्वेंसी डिवाइस का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. इस डिवाइस की मदद से वे एक साथ मीटर की पूरी रीडिंग को खत्म कर देते हैं, जिससे बिजली चोरी का पता लगाना और भी मुश्किल हो जाता है.
कानूनी पेचीदगियां और चोरों की ढिठाई
अधिकारियों के अनुसार, बिजली चोरी के पहले मामले में अदालत में समझौते की गुंजाइश रहती है और आरोपी को कुछ छूट भी मिल जाती है. हालाँकि, यदि किसी व्यक्ति या परिवार पर दो या उससे ज़्यादा मामले दर्ज होते हैं, तो ऐसे मामलों में समझौते की कोई गुंजाइश नहीं रहती और उन्हें पूरी सज़ा भुगतनी पड़ती है. इसके बावजूद, बिजली चोर सुधर नहीं रहे हैं और कानून के शिकंजे से बचने के लिए लगातार नए पैंतरे आज़मा रहे हैं.
हॉटस्पॉट इलाकों में सघन सर्वे जारी
शहर के कुछ इलाके ऐसे भी हैं जहाँ अभी भी 70 प्रतिशत से ज़्यादा बिजली चोरी हो रही है, जिससे बिजली कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. इन हॉटस्पॉट इलाकों को चिह्नित कर बिजली कंपनी अब इनका बारीकी से सर्वे कर रही है. कुछ क्षेत्रों में तो हालत यह है कि बिजली चोरी में केवल व्यक्ति विशेष ही नहीं, बल्कि पिता-पुत्र और यहाँ तक कि पति-पत्नी भी एक साथ शामिल हैं. बिजली कंपनी का कहना है कि वे इन चोरों पर नकेल कसने के लिए कड़े कदम उठा रही है और जल्द ही बड़े पैमाने पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है.