राजस्थान के सरकारी स्कूल में मरम्मत के दौरान दर्दनाक हादसा: 7वीं के मासूम छात्रों पर चलती कक्षा के बीच गिरी छत, 10 की मौत

Tragic accident in government school in Rajasthan: राजस्थान के झालावाड़ में मरम्मत की अनदेखी से सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 10 बच्चों की मौत हो गई। हादसे में 30 से ज्यादा बच्चे गंभीर घायल हैं, इससे मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। हादसा शुक्रवार सुबह मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी सरकारी स्कूल में हुआ है। जानकारी के अनुसार हादसे में एक क्लासरूम ढहा है। इसमें 7वीं क्लास के 35 बच्चे बैठे थे। सभी मलबे में दब गए। टीचर्स और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकाला गया। गांववालों ने बताया कि इस स्कूल में कुल 7 क्लासरूम हैं।

हादसे के दौरान स्कूल के दो क्लासरूम में 71 बच्चे थे। जिस क्लासरूम में हादसा हुआ उसमें बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। स्कूल में दो टीचर भी मौजूद थे, लेकिन दोनों हादसे के दौरान बिल्डिंग से बाहर थे। हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ। लोगों ने बताया कि बिल्डिंग गिरने की धमाके जैसी आवाज हुई थी। खबर लिखे जाने तक 10 बच्चों की मौत की खबर सामने आई थी। हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। वहीं हादसे के पीछे बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। कलेक्टर के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि जो भी जर्जर भवन हो वहां स्कूलों की छुट्टी कर दी जाए, लेकिन खुद कलेक्टर कह रहे हैं कि ना तो यह स्कूल जर्जर भवन की सूची में था और ना ही यहां बच्चों की छुट्टी की गई। वहीं स्कूल में पढ़ने वाली बच्ची वर्ष राज क्रांति ने बताया की छत गिरने से पहले कंकड़ गिर रहे थे, बच्चों ने बाहर खड़े टीचर्स को इसकी जानकारी दी, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान ही नहीं दिया और थोड़ी देर बाद ही छत गिर गई।

मंत्री दिलावर बोले-सारे स्कूलों की मरम्मत एक साथ नहीं हो सकती

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्कूल बिल्डिंग के हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि कि हजारों बिल्डिंग जर्जर हालत में हैं। इन्हें एक साथ ठीक करना मुमकिन नहीं है। फिलहाल घायल बच्चों की इलाज प्राथमिकता है। हादसे से ठीक एक दिन पहले ही जर्जर स्कूल भवनों पर पूछे एक सवाल में शिक्षा मंत्री कहते नजर आए थे कि यह कांग्रेस का पाप है धीरे धीरे ठीक करेंगे। मंत्री दिलावर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं व दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। सभी सीनियर अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। पूर्व सीएम अशोक गेहलोत ने एक्स पर लिखा सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों एवं शिक्षकों के हताहत होने की सूचना मिल रही है। मैं ईश्वर से कम से कम जनहानि एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना करता हूं।

मध्यप्रदेश के कई स्कूल भी जर्जर, हो चुके हैं हादसे…

मध्यप्रदेश के भी सैकड़ों स्कूलों की हालत बेहद जर्जर है। पिछले दिनों भोपाल सहित कुछ क्षेत्रों में हादसे सामने आ चुके हैं। हाल ही में राजधानी भोपाल के पीएम श्री स्कूल में बड़ा हादसा हुआ था। स्कूल में चलती क्लास के दौरान छत का प्लास्टर उखड़कर छात्राओं पर आ गिरा था। इस हादसे में दो छात्राएं घायल हो गई थीं। यह हादसा बरखेड़ा स्थित शासकीय पीएम श्री महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल में हुआ था। इसी स्कूल में करीब एक हफ्ते में दो बार इस तरह की घटना सामने आई थी। तब स्कूल प्रबंधन का कहना था कि स्कूल की कक्षाओं में बारिश के बाद से ही सीलन की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों से भी स्कूलों में हादसे की खबरें आती रही हैं। सरकार जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे करा रही है।