2474 करोड़ का टैक्स चुकाए बिना दौड़ रहे कमर्शियल वाहन, 34 हजार केस अटके

मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर संभागों में दौड़ रहे यात्री वाहनों और माल वाहनों पर मासिक और त्रैमासिक मोटरयान कर के 2474 करोड़ रुपए बाकी है। इनमें से 34 हजार 523 प्रकरण तो ऐसे भी है जिनमें छह माह से अधिक समय से टैक्स की वसूली होना बाकी है।

कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के लिखित जवाब में परिवहन मंत्री उदयप्रताप सिंह ने विधानसभा में यह जानकारी दी है। बच्चन ने पूछा था कि मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यात्री वाहन मद संख्या 872 जो कि यात्री वाहनों से मासिक मोटरयान कर के लिए होती है और इसी तरह माल वाहन मद संख्या 873 जो कि माल वाहनों से वसूले जाने वाले त्रैमासिक मोटरयान कर के लिए होती है इनमें तीस जून 2025 तक की स्थिति में कितनी वसूली की जाना बाकी है। संभागवार दोनो मदों में राशि का ब्यौरा उन्होंने मांगा था। बच्चन ने यह भी पूछा था कि छह माह से अधिक लंबित राशि के प्रकरणों की संख्या जिलावार संभागवार बताएं।

जवाब में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि यात्रह वाहनों से मासिक मोटरयान कर की 425 करोड़ 16 लाख 43 हजार 744 रुपए की राशि की वसूली इन चारों संभागों में बाकी है। वहीं माल वाहनों से त्रैमासिक मोटरयान कर जो कि मद संख्या 873 में वसूला जाता है उसकी 2049 करोड़ 26 लाख 50 हजार 610 रुपए की राशि वसूली होंना बाकी है। इनमें छह माह से अधिक की वसूली जहां बाकी है ऐसे प्रकरणों की संख्या 34 हजार 523 है। परिवहन मंत्री ने बताया कि वसूली के लिए संबंधित वाहन संचालक को परिवहन कार्यालय में उपलब्ध पते पर नोटिस दिए जाते है तथा वाहन चेकिंग के दौरान ऐसे वाहनों को चिन्हित कर उनसे बकाया राशि वसूली की कार्यवाही की जाती है। उनका कहना है कि राजस्व वसूली एक निरंतर प्रक्रिया है इसलिए इसमें समयसीमा बताना संभव नहीं है।

यात्री वाहनों से 64 करोड़ की वसूली बाकी

यात्री वाहनों से जो मासिक कर की वसूली होना बाकी है उसमें इंदौर में सर्वाधिक 64 करोड़ 9 लाख 9 हजार 527 रुपए और ग्वालियर में 48 करोड़ 62 लाख 62 हजार 888 रुपए की वसूली होंना बाकी है। भोपाल में यह राशि 28 करोड़ 3 लाख 35 हजार 754 रुपए है। जबलपुर में इस मद में 24 करोड़ 85 लाख 35 हजार 242 रुपए की वसूली बाकी है।

माल वाहनों से वसूलने हैं 783 करोड़

माल वाहनों से त्रैमासिक टैक्स वसूली में इंदौर जिला सबसे पीछे है यहां 783 करोड़ 85 लाख 64 हजार 502 रुपए और भोपाल में 247 करोड़ 35 लाख 45 हजार 853 रुपए की वसूली बाकी है। ग्वालियर में 203 करोड़ 65 लजाख 88 हजार 415 और जबलपुर में 227 करोड़ 17 लाख 40 हजार 272 रुपए की वसूली होना बाकी है।

12 हजार मामले छह माह से पेंडिंग

जिन वाहनों से छह माह से अधिक समय से वसूली नही हो पाई है उनमें इंदौर में सर्वाधिक 12 हजार छह मामले बाकी है। भोपाल में 4 हजार 42, जबलपुर में 3 हजार 851 और ग्वालियर में 3 हजार 316 मामले है।