मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल डिंडौरी जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस का पहला मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अमरपुर ब्लॉक के बहेरा गाँव में 6 वर्षीय अजय गौतम की इस बीमारी के कारण मौत हो गई। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद आईसीएमआर की लैब रिपोर्ट में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्वास्थ्य विभाग पर लगे लापरवाही के आरोप
मृतक अजय गौतम के पिता संतोष गौतम ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में बच्चे के बाएं पैर में सूजन और तेज बुखार था, जिसके बाद उसे जबलपुर ले जाया गया, लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने के कारण उसकी जान चली गई। आईसीएमआर लैब की रिपोर्ट में इस बीमारी की पुष्टि के बाद अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठ रही हैं। हालांकि, इस मामले पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
गांव में स्वास्थ्य टीम की तैनाती
जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। अमरपुर के बीएमओ एस.एस. मरकाम के नेतृत्व में मलेरिया विभाग की एक टीम ने तुरंत बहेरा गाँव का दौरा किया। टीम ने मृत बच्चे के परिवार से मिलकर बीमारी के बारे में जानकारी ली और गाँव में फैली गंदगी का जायजा लिया। इसके अलावा, टीम ने घरों में जमा पानी और अन्य स्थानों की भी जांच की है ताकि इस बीमारी के आगे प्रसार को रोका जा सके। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा भी अलर्ट पर है और संभावित मामलों पर नजर रखी जा रही है।