मध्य प्रदेश में मानसून ब्रेक की स्थिति खत्म होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, एक ट्रफ लाइन और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के सक्रिय होने से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने वाला है। अगले 24 घंटों में एक और लो प्रेशर एरिया भी बन रहा है, जिसके प्रभाव से 15 अगस्त से राज्य में लगातार तेज बारिश होने की संभावना है। इस नए मौसमी सिस्टम का असर विशेष रूप से पश्चिमी मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभागों में देखने को मिलेगा।
इन 11 जिलों में हो सकती है भारी बारिश
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि ट्रफ लाइन के मुड़ने से राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी में भी एक लो प्रेशर सिस्टम बनने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा हो सकती है। अब तक राज्य के पश्चिमी भागों जैसे भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 23% अधिक बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे प्रदेश में यह आंकड़ा 29% तक पहुंच गया है।
बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा, भदभदा के गेट खोलने की तैयारी
राजधानी भोपाल के लिए अच्छी खबर यह है कि बड़े तालाब (अपर लेक) का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कोलांस नदी के एक फीट ऊपर बहने से तालाब में पानी की आवक जारी है, और इसका वर्तमान जलस्तर 1664.40 फीट पर है। शहर को रोजाना अपर लेक से 25 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। नगर निगम के अधिकारियों ने भदभदा डैम के गेट खोलने की भी पूरी तैयारी कर ली है। यदि बारिश का दबाव बना रहा, तो उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक डैम के गेट खोले जा सकते हैं।