अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर अलास्का में एक महत्वपूर्ण शिखर वार्ता हुई। इस बैठक का उद्देश्य युद्ध को समाप्त करने के लिए कोई समाधान खोजना था। यह मुलाकात एंकोरेज में स्थित ज्वाइंट बेस एल्मेंडॉर्फ-रिचर्डसन में हुई, जहां ट्रंप ने पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया।
ट्रंप का ‘पॉवर शो’ रहा बेअसर
इस मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। पुतिन के आगमन पर उनका स्वागत B-2 बॉम्बर और F-22 फाइटर जेट के फ्लाईपास्ट से किया गया, जो उनके सिर के ऊपर से गुजरे। इसके बावजूद, पुतिन पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं दिखा और वे अप्रभावित नजर आए। जहां दोनों नेताओं ने मीडिया के सामने पोज दिया, उसके ठीक पीछे अमेरिका के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमान F-22 रैप्टर भी खड़े थे। हालांकि, ट्रंप की यह ‘पॉवर शो’ रणनीति पुतिन को अपनी शर्तों पर झुकने के लिए मजबूर नहीं कर सकी।
बातचीत रही बेनतीजा
अलास्का में दोनों नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक गहन बातचीत हुई, लेकिन यह उम्मीदों के विपरीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंची। डोनाल्ड ट्रंप ने माइंड गेम सहित हर संभव कोशिश की ताकि पुतिन को अपनी शर्तों से पीछे हटने के लिए राजी किया जा सके, लेकिन उनकी यह कोशिश कामयाब नहीं हो पाई। पुतिन अपनी स्थिति पर अडिग रहे।
नेताओं ने दी भविष्य में मुलाकात की उम्मीद
बैठक के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, दोनों नेताओं ने भविष्य में फिर से मिलने की बात कही। पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन पर ‘सहमति’ बनी है, साथ ही उन्होंने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी कि वे इस प्रगति में कोई बाधा न डालें। हालांकि, ट्रंप ने पुतिन के इस दावे पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता।” ट्रंप ने यह भी बताया कि वे इस बातचीत का विवरण यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ साझा करेंगे।
ट्रंप ने बैठक को “बेहद फलदायी” बताते हुए कहा कि “कई मुद्दों पर सहमति बनी है, जबकि कुछ बाकी हैं, जिन्हें सुलझाने की संभावना है।” वहीं, पुतिन ने कहा कि ट्रंप यह समझते हैं कि रूस के अपने राष्ट्रीय हित हैं। इस दौरान पुतिन ने ट्रंप को अगली बैठक के लिए मॉस्को में मेजबानी की पेशकश भी की। जब ट्रंप ने पुतिन से अंग्रेजी में कहा “शायद जल्द ही फिर मिलेंगे”, तो पुतिन ने जवाब दिया, “अगली बार मॉस्को में”। इस पर ट्रंप ने कहा, “यह एक दिलचस्प सवाल है। मुझे इस पर थोड़ी आलोचना झेलनी पड़ेगी, लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा हो सकता है।”