नई दिल्ली: संसद में उस संविधान संशोधन विधेयक को लेकर हंगामा जारी है, जिसमें प्रावधान किया गया है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री को 30 दिन तक जेल में रहना पड़े तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। इसी को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने इस विधेयक की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे “असाधारण और स्पष्ट रूप से असंवैधानिक” करार दिया
The government introduced an extraordinary and patently unconstitutional Bill In the Lok Sabha yesterday
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) August 21, 2025
If an arrested Chief Minister does not get bail in 30 days, he will cease to be Chief Minister!
Have you heard of anything more bizarre in the legal world?
No charges, no…
“कानून की दुनिया में इससे अजीब कुछ नहीं”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम वरिष्ठ वकील ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा:
“अगर किसी गिरफ्तार मुख्यमंत्री को 30 दिनों में ज़मानत नहीं मिलती, तो वह मुख्यमंत्री पद से हट जाएगा! क्या आपने कभी कानून की दुनिया में इससे ज़्यादा अजीब सुना है? न कोई आरोप तय, न मुक़दमा, न सज़ा—लेकिन जनता का जनादेश केवल गिरफ्तारी (जो अक्सर झूठे आरोपों पर होती है) से ही पलट दिया जाएगा।”
ज़मानत प्रक्रिया पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि निचली अदालतें अक्सर ज़मानत देने में हिचकिचाती हैं और उच्च न्यायालय भी सहज नहीं रहते। “हर महीने हज़ारों ज़मानत याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट पहुँचती हैं। इस प्रक्रिया में कई हफ़्ते लग जाते हैं और तब तक 30 दिन बीत जाएंगे। नतीजा होगा चुनी हुई सरकार का अस्थिर होना,” उन्होंने कहा।
“ग़ैरकानूनी, अलोकतांत्रिक और संघीय ढांचे के खिलाफ”
चिदंबरम ने इस प्रावधान को “ग़ैरकानूनी, असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और संघीय ढांचे के खिलाफ” बताते हुए कहा कि इससे सत्ता के दुरुपयोग का रास्ता खुलेगा और जनता के जनादेश का अपमान होगा