अमेरिका-भारत रिश्तों पर संकट: ट्रम्प- मोदी की दोस्ती खत्म, जॉन बोल्टन का बड़ा दावा

वॉशिंगटन/लंदन:  अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच पहले की घनिष्ठ दोस्ती अब खत्म हो चुकी है। उनका कहना है कि व्हाइट हाउस की नीतियों ने अमेरिका-भारत संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया है, जिससे भारत रूस और चीन के और करीब आ गया है।

ट्रम्प- मोदी की दोस्ती अब खत्म

ब्रिटिश मीडिया LBC से बातचीत में बोल्टन ने कहा कि चीन ने खुद को अमेरिका और ट्रम्प के विकल्प के रूप में पेश किया है और यह व्हाइट हाउस की ‘बड़ी गलती’ साबित हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रम्प और मोदी की दोस्ती अब भारत-अमेरिका संबंधों को बिगड़ने से नहीं बचा सकती। यह संदेश ब्रिटेन के नेताओं समेत दुनिया के अन्य देशों के लिए भी एक सबक है कि ट्रम्प से करीबी रिश्ते बुरे हालात से सुरक्षा नहीं देते।

बोल्टन की ये टिप्पणी ट्रम्प की आगामी ब्रिटेन यात्रा (17-19 सितंबर) से पहले आई है। उन्होंने कहा कि हालात अब इतने खराब हो चुके हैं कि उन्हें सुधारना आसान नहीं होगा।

भारत पर टैरिफ विवाद

बोल्टन पहले भी ट्रम्प सरकार के भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले की आलोचना कर चुके हैं। अगस्त में CNN को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस कदम को ‘भारी भूल’ बताया था। उनका कहना था कि दशकों से अमेरिका भारत को रूस और चीन से दूर रखने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अब यह रणनीति कमजोर पड़ चुकी है।

27 अगस्त से भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लागू किया गया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया है। बोल्टन ने अमेरिकी अखबार द हिल में लिखा था कि “दोस्त और दुश्मन दोनों पर एक समान टैरिफ लगाने” से अमेरिका का भरोसा और आत्मविश्वास कमजोर हुआ है।

ट्रम्प की नीतियों के आलोचक

जॉन बोल्टन, ट्रम्प प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहे हैं, लेकिन अब वे उनकी नीतियों के बड़े आलोचक बन चुके हैं। उनका कहना है कि बिजनेस और सुरक्षा के मुद्दों को अलग-अलग देखने से भारत जैसे देशों के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचता है।

अमेरिकी विदेश नीति विशेषज्ञ क्रिस्टोफर पैडिला ने भी चेतावनी दी है कि इन टैरिफ का असर लंबे समय तक रहेगा और भारत अमेरिका को शक की निगाह से देखेगा।