मैथिली ठाकुर, जो कम उम्र में अपनी गायिकी के दम पर देशभर में प्रसिद्ध हो चुकी हैं, अब बिहार के बेनीपट्टी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की संभावना तलाश रही हैं। हालांकि, यह तभी संभव होगा जब भाजपा उन्हें उम्मीदवार बनाएगी। जबलपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब मैथिली से बिहार चुनाव में उतरने की अटकलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैं भी यह खबर टीवी पर देख रही हूं। हाल ही में मैं बिहार गई थी, जहां मुझे नित्यानंद राय जी और विनोद तावड़े जी से मिलने का मौका मिला। हमने बिहार के भविष्य और वहां के हालात पर लंबी चर्चा की। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
एक अन्य सवाल के जवाब में मैथिली ने कहा, “मैं चाहती हूं कि देश और समाज के विकास के लिए मैं जो भी योगदान दे सकती हूं, वह जरूर करूं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या लोग उन्हें अब विधायक या मंत्री के रूप में देखेंगे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “यह सब भगवान के हाथ में है। मुझे खुद पूरी जानकारी नहीं है, अभी कुछ भी पक्का नहीं हुआ है।” मैथिली ने यह भी बताया कि वह अपने गांव के क्षेत्र से ही शुरुआत करना चाहेंगी, क्योंकि वहां का जुड़ाव उनके लिए खास है। उन्होंने कहा, “अपने गांव से शुरू करने पर मुझे लोगों की समस्याओं को समझने और उनसे सीखने का मौका मिलेगा।”
मैथिली ठाकुर मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली हैं, जो एक विधानसभा क्षेत्र भी है। चर्चा है कि भाजपा उन्हें यहीं से चुनावी मैदान में उतार सकती है। 25 साल की मैथिली ने लोकगीत और भजनों के जरिए देश-विदेश में ख्याति प्राप्त की है। उनका परिवार रोजगार की तलाश में बिहार से दिल्ली चला गया था। हाल ही में मैथिली की भाजपा के वरिष्ठ नेताओं नित्यानंद राय और विनोद तावड़े के साथ मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद उनके राजनीति में कदम रखने की अटकलें तेज हो गई हैं।