RGPV में करोड़ों के एफडीआर फर्जीवाड़ा का मामला
भोपाल: राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में दो साल पहले खुले करोड़ों रुपये के एफडीआर के फर्जीवाडे को लेकर जब्त किए गए दो बोरे दस्तावेज गांधी नगर पुलिस के काम के नहीं निकले हैं। दस्तावेज के अभाव में आरजीपीवी के काफी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसलिए दस्तावेजों की काफी जरूरत है।
गांधी नगर पुलिस ने दोनों बोरे में करीब आधा-आधा दर्जन बस्तों की गंभीरता से जांच कर ली है। उन्हें एफडीआर घोटाले से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिल पाया है। इसलिए दोनों बोरे के दस्तावेज गांधी नगर पुलिस के किसी काम के नहीं हैं। वे थाने के मालखाने की जगह जरुर घेर रहे हैं। वहीं आरजीपीवी भी थाना पुलिस से दस्तावेज वापस देने के लिए पत्र व्यवहार कर चुका है, लेकिन प्रकरण कोर्ट में लंबित है। इसलिए पुलिस ने उन्हें कोर्ट से दस्तावेज लेने की सलाह दी है। अब आरजीपीवी कोर्ट में अर्जी लगार दस्तावेजों की सुपुर्दगी लेगा।
अभी भी जेल में बंद है पूर्व एफसी
प्रकरण में रजिस्ट्रार राजपूत के साथ तत्कालीन वित्त नियंत्रक ऋषिकेश वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया था। राजपूत को जमानत मिल चुकी है, लेकिन सेवानिवृत्त हो चुके एफसी वर्मा को जमानत नहीं मिल सकी है। वे अभी भी भोपाल की के्रदीय जेल में बंद है।