कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने हाल ही में नवरात्रि से दिवाली तक और आगामी शादियों के सीज़न (1 नवंबर से 14 दिसंबर) को कवर करते हुए एक विस्तृत आर्थिक रिपोर्ट जारी की है। संगठन का दावा है कि त्योहारों के बाद शादियों का कारोबार अर्थव्यवस्था को एक बड़ा बढ़ावा देगा।
देश भर में रिकॉर्ड कारोबार की उम्मीद
CAIT के महासचिव और दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भोपाल में संगठन की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान ये आंकड़े जारी किए।
| अवधि | व्यापार का अनुमान/रिकॉर्ड | मुख्य कारण |
| नवरात्र से दिवाली तक | ₹6.5 लाख करोड़ (रिकॉर्ड व्यापार) | GST स्लैब कट और व्यापार में उठाव। |
| छठ महापर्व | ₹50 हजार करोड़ | पर्व के दौरान हुई रिकॉर्ड बिक्री। |
| 1 नवंबर से 14 दिसंबर तक (शादियां) | ₹6 लाख करोड़ (अनुमानित) | विवाह समारोहों से जुड़ी सेवाओं और खरीददारी में उछाल। |
खंडेलवाल ने इस व्यवसाय में तेज़ी का श्रेय स्टूडियो को दिया।
मध्य प्रदेश में 30,000 करोड़ रुपये के कारोबार की उम्मीद है।
CAIT के राष्ट्रीय मंत्री भूपेंद्र जैन ने विशेष रूप से मध्य प्रदेश के लिए एक व्यावसायिक अध्ययन रिपोर्ट तैयार की। CAIT ने भोपाल, इंदौर, मधेपुरा, बस्तर और जबलपुर सहित 12 शहरों में सर्वेक्षण किए।
इस वर्ष, राज्य में 1 नवंबर से 14 दिसंबर तक 1.85 लाख शादियाँ हो रही हैं। यह पिछले वर्ष (1.56 लाख शादियाँ) की तुलना में लगभग 30,000 अधिक है। आदिवासी नेता शर्मा ने कहा कि लोग अब अपनी 70% शादी की सामग्री (कपड़े, सजावट, कब्रिस्तान) और सेवाओं के लिए स्थानीय भागीदारों को नियुक्त कर रहे हैं। पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्प, कपड़ा और आभूषण व्यवसायों को नई जान मिल रही है। यह अनुमान वेडिंग प्लानर्स, बैंक्वेट हॉल, रणनीति और व्यापार संघों और प्री-बुकिंग से एकत्र किए गए आंकड़ों पर आधारित है।
CAIT की भावी रणनीति
संगठन अब व्यापार को और गति देने के लिए एक विस्तृत खाका तैयार कर रहा है। बीएसएफ खंडेलवाल ने बताया कि कार्यक्रम का पूरा खाका तीन-चार दिनों में तैयार कर राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भारती को अनुमोदन के लिए सौंप दिया जाएगा। राष्ट्रीय संगठन मंत्री भूपेंद्र जैन को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि प्रदेश संगठन मंत्री प्रिंस गुप्ता को भी मध्य प्रदेश में यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।