मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के अंदर 4 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है।
राज्य के बाकी हिस्सों में भी व्यापक बारिश होने की उम्मीद है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, टीकमगढ़ समेत 50 से ज्यादा जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। गुरुवार को टीकमगढ़ जिले में 24 घंटे के दौरान डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि में सबसे ज्यादा थी।
बारिश का मौजूदा आंकड़ा
मानसून के आगमन के बाद अब तक प्रदेश में औसतन 12.8 इंच (325 मिलीमीटर) बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह आंकड़ा सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। इस समय तक 14.1 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
पिछले कुछ दिनों में कमी में थोड़ी कमी आई है। 20 जुलाई तक घाटा 17 प्रतिशत था, जो अब 10 प्रतिशत रह गया है। पूर्वी हिस्से में 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
जिलेवार स्थिति:
- सबसे ज्यादा बारिश देवास जिले में हुई है, जहां 18.5 इंच पानी गिरा (सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक)।
- बालाघाट, सीहोर, सिवनी, भोपाल और हरदा जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।
- सबसे कम बारिश आलीराजपुर में हुई, जहां मात्र 2.5 इंच पानी गिरा है।
मौसम विभाग के अनुसार जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं, जिससे कुल बारिश का घाटा और कम हो सकता है। पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है, जिसमें जुलाई महीने का बड़ा योगदान होता है।