गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार वैश्विक स्तर पर मिले-जुले संकेतों के बीच मामूली तेजी के साथ खुला, लेकिन जल्द ही दबाव में आ गया। शुरुआती कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और निवेशकों द्वारा मुनाफा बुकिंग से बाजार पर असर पड़ा। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 84,525.89 पर खुला, पर थोड़ी देर बाद 98.19 अंक टूटकर 84,368.32 पर पहुंच गया। इसी तरह एनएसई निफ्टी-50 भी हल्की बढ़त के बाद 13.45 अंक लुढ़ककर 25,862.35 पर कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता और तकनीकी क्षेत्र की कमजोरी घरेलू बाजार को प्रभावित कर रही है। आईटी सेक्टर में बिकवाली का दबाव अन्य सेक्टर्स तक फैल गया। मंगलवार को बाजार हरे निशान में बंद हुआ था—सेंसेक्स 335.97 अंक चढ़कर 83,871.32 पर और निफ्टी 120.60 अंक की बढ़त के साथ 25,694.95 पर बंद हुआ था।
वैश्विक बाजारों में एशिया में मिश्रित कारोबार रहा। जापान का निक्केई 225 करीब 0.4% ऊपर चढ़ा, कोस्पी 0.3% मजबूत हुआ, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.2% नीचे रहा। अमेरिकी बाजार बुधवार को मिले-जुले बंद हुए—डाउ जोन्स 0.68% चढ़ा, नैस्डैक 0.26% गिरा और एसएंडपी 500 लगभग स्थिर रहा।
आज दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित करने वाली प्रमुख कंपनियों में हीरो मोटोकॉर्प, आयशर मोटर्स, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, एल्केम लैबोरेटरीज, इप्का लैबोरेटरीज, नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी, वोल्टास, अपोलो टायर्स, भारत डायनेमिक्स, दिलीप बिल्डकॉन, जीएमआर एयरपोर्ट्स, जुबिलेंट फूडवर्क्स, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, मुथूट फाइनेंस, एनबीसीसी (इंडिया), न्यू इंडिया एश्योरेंस, ओर्कला इंडिया, पेज इंडस्ट्रीज, पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स और टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस शामिल हैं।