संसद में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और स्पीकर ने दी श्रद्धांजलि, जनजातीय गौरव दिवस की याद

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शनिवार को संसद भवन परिसर में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। सभी ने बिरसा मुंडा के अथक संघर्ष और आदिवासी समुदाय के लिए उनके अनमोल योगदान को स्मरण किया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि बिरसा मुंडा ने स्वाधीनता संग्राम में जनजातीय समाज को नई जागृति और दिशा प्रदान की। उनके त्याग और विचारों से प्रेरित होकर 2021 से उनकी जन्मतिथि को देशभर में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने जोड़ा कि बिरसा मुंडा की विरासत भारत की विविधता, एकता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूती देती है।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि बिरसा मुंडा ने देशप्रेम की ऐसी ज्योति प्रज्वलित की, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रकाशित करती रहेगी। उन्होंने बताया कि औपनिवेशिक शासन के खिलाफ उनका असामान्य संघर्ष और ग्रामीण-आदिवासी समाज के हकों की लड़ाई इतिहास में अमर है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके विचार आज भी सामाजिक उत्थान और आत्मगौरव की भावना को सशक्त बनाते हैं।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्र के हित और आदिवासी उन्नयन के लिए बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष अनुपम रहा है। उन्होंने कहा कि उनका बलिदान, साहस और स्वाभिमान देश की नई पीढ़ी के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। बिरला ने कहा कि संसद परिसर में उनकी जयंती का आयोजन इस महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के प्रति देश की आभार भावना का प्रतीक है।

आयोजन के दौरान आदिवासी संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदाय की भूमिका को भी याद किया गया। अधिकारियों तथा सांसदों ने भी बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए।