महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बोरासी को अपनी कार्यकारिणी बनाने की स्वतंत्रता नहीं रहेगी। दरअसल उन्हें अध्यक्ष बनाए जाने से कुछ दिन पहले ही प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी बनाई गई है। इधर इस बात की भी चर्चा है कि महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पत्र राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की ओर से जारी होता है,लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। उनकी नियुक्ति का पत्र राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जारी किया। हालांकि पिछले कुछ समय से अन्य राज्यों में हुई ऐसी नियुक्ति केसी वेणुगोपाल के जरिए ही हुई हैं।
आमतौर पर कांग्रेस में अध्यक्ष को अपनी टीम यानि कार्यकारिणी बनाने की स्वतंत्रता होती है, लेकिन महिला कांग्रेस में अब इसके उलटा हो रहा है। प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारिणी 7 अक्टूबर को बनाई गई थी। कार्यकारिणी राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने बनाई थी। इस कार्यकारिणी में नूरी खान को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था, जबकि सुनिता मिश्रा और मनीषा रावत को उपाध्यक्ष बनाया गया था। इनके साथ ही 36 महासचिव भी बनाई गई थी। इस कार्यकारिणी की पहली बैठक भी सात अक्टूबर को भोपाल में हुई थी। इस कार्यकारिणी के लगभग चालीस दिन बाद अचानक विभा पटेल को हटा दिया गया और रीना बोरासी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
मालवा को मिलते जा रहे अहम पद
कांग्रेस में मालवा अंचल को लगातार प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी इंदौर के हैं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार धार के हैं। वहीं अब रीना बोरासी भी इंदौर की है। तीनों महत्वपूर्ण पद मालवा अंचल के कांग्रेस नेताओं को दिए गए हैं।
अवनीश भार्गव को सेवादल की कमान
इस तरह से अचानक प्रदेश सेवादल के संयोजक को भी बदल दिया गया है। बुधवार को केसी वेणुगोपाल ने अवनीश भार्गव को प्रदेश संयोजक बनाया गया है। भार्गव ने कहा कि वे प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत करने के बाद प्रभार ग्रहण करेंगे।