SIR में गलत जानकारी पर 1 साल की जेल और जुर्माना: निर्वाचन आयोग की सख्त चेतावनी

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सख्त निर्देश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR फॉर्म भरते समय कोई भी मतदाता गलत जानकारी देता है या फर्जी दस्तावेज संलग्न करता है, तो उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत 1 साल की जेल की सज़ा या जुर्माना अथवा दोनों का सामना करना पड़ सकता है।

निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने जारी किया आदेश

राज्य निर्वाचन आयुक्त यशवंत कुमार ने 21 नवंबर को एक आदेश जारी करते हुए नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे गलत जानकारी देने से बचें और किसी भी सूरत में किसी को भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी या OTP न बताएं। उन्होंने उल्लेख किया कि मृत व्यक्ति या ऐसे व्यक्ति के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करना, जो अब भारत का नागरिक नहीं रहा है, या जिसका नाम निर्वाचक नामावली में एक से अधिक स्थानों पर मौजूद है और वह जानबूझकर एक से अधिक स्थानों के संबंध में गणना प्रपत्र जमा करता है, ये सभी कार्य धारा 31 के तहत अपराध हैं। रायपुर के एडवोकेट विपिन अग्रवाल ने भी इस कानून के प्रावधान की पुष्टि की है।

OTP मांगने वाले से रहें सावधान

आयोग ने मतदाताओं को अलर्ट करते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि BLO (बूथ लेवल अधिकारी) या निर्वाचन आयोग का कोई भी कर्मचारी फॉर्म भरने के दौरान या फोन के माध्यम से किसी भी मतदाता से OTP नहीं मांगता है। यदि कोई व्यक्तिगत जानकारी या OTP मांगता है, तो इसकी शिकायत पुलिस थाने में की जा सकती है।