केंद्र सरकार द्वारा 2019-20 में पारित किए गए चार ऐतिहासिक श्रम कोड (Labour Codes) शुक्रवार से देश भर में प्रभावी हो गए हैं। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इन कोडों और इन्हें लागू करने के लिए आवश्यक नियमों को अधिसूचित करने की जानकारी दी। इन श्रम सुधारों से कर्मचारियों को व्यापक लाभ, कंपनियों को अधिक स्वतंत्रता और महिला श्रमिकों को नए अवसर मिलेंगे।
कर्मचारियों के लिए प्रमुख बदलाव
- ग्रेच्युटी में बड़ी राहत: फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब तक पाँच साल की लगातार सेवा के बाद ग्रेच्युटी मिलती थी, लेकिन नए प्रावधानों के तहत उन्हें केवल एक साल की निरंतर सेवा के बाद ही ग्रेच्युटी भुगतान का अधिकार मिल जाएगा।
- राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन: न्यूनतम वेतन का प्रावधान अब कुछ अनुसूचित उद्योगों तक सीमित न रहकर सभी श्रमिकों पर लागू होगा।
- समान लाभ: फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब स्थायी कर्मचारियों के समान ही लाभ मिलेंगे, जिसमें छुट्टी, विनियमित कामकाजी घंटे और चिकित्सा लाभ शामिल हैं।
- अनिवार्य स्वास्थ्य सेवा: 40 वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए नियोक्ताओं को अनिवार्य रूप से मुफ्त वार्षिक चिकित्सा जाँच (Annual Medical Checkups) की सुविधा प्रदान करनी होगी, जिसका उद्देश्य निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना है।
- निश्चित भुगतान: सभी कंपनियों को वेतन समय पर देना होगा, जबकि आईटी फर्मों के लिए हर महीने की 7 तारीख तक वेतन जारी करना अनिवार्य है।
- नियुक्ति पत्र: किसी भी कर्मचारी को अब बिना लिखित नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) जारी किए काम पर नहीं रखा जा सकता।
गिग और सोशल सिक्योरिटी
कोड ने पहली बार गिग (Gig) और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को परिभाषित किया है (सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 2(35))। इसके अलावा, खतरनाक प्रक्रियाओं में लगे प्रतिष्ठानों के लिए कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) में नामांकन अनिवार्य कर दिया गया है, भले ही उसमें एक भी कर्मचारी कार्यरत हो।
महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा
ये कोड कार्यस्थल पर लैंगिक तटस्थता को बढ़ावा देते हैं। अब महिलाओं को उनकी सहमति और पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अधीन नाइट शिफ्ट में काम करने और खनन जैसे ‘खतरनाक’ समझे जाने वाले उद्योगों में भी प्रवेश करने की अनुमति होगी। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि ये श्रम संहिताएँ महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देती हैं।
कुल मिलाकर, ये चार कोड 29 पुराने कानूनों की जगह लेंगे, जो श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभों का विस्तार करेंगे और कंपनियों को काम पर रखने और निकालने में अधिक स्वतंत्रता प्रदान करेंगे।