कानपुर: फिल्म ‘ताज महल’ के सह-निर्माता इरशाद आलम गिरफ्तार, 3.30 करोड़ की ठगी और 60 लाख रंगदारी मामले में पकड़ा गया

कानपुर के बेकनगंज थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंडा कारोबारी से 3.30 करोड़ रुपये की ठगी और रंगदारी मांगने के मुख्य आरोपी इरशाद आलम को गिरफ्तार कर लिया है। इरशाद आलम 2005 में रिलीज हुई फिल्म ‘ताजमहल : अन इटर्नल लव स्टोरी’ के सह-निर्माता हैं और जाजमऊ क्षेत्र में टेनरी का संचालन करते हैं।

दरअसल, बेकनगंज निवासी अंडा व्यापारी मोहम्मद शोएब ने साल 2023 में इरशाद आलम सहित आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। शोएब का आरोप था कि उसे और उसके साथियों फहद नसीम व उबैद नसीम को व्यापार विस्तार के लिए गोदाम और जमीन चाहिए थी। इसी सिलसिले में दलाल रिक्की और रफी ने उनकी मुलाकात इरशाद आलम से कराई।

इरशाद ने जाजमऊ के गज्जूपुरवा क्षेत्र में एक प्लॉट दिखाया और 1.65 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा तय किया। व्यापारियों ने पूरी रकम दे दी, लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। बाद में इरशाद ने कीमत दोगुनी कर दी और दबाव डालकर व्यापारियों से फिर 1.65 करोड़ रुपये ले लिए। कुल मिलाकर 3.30 करोड़ रुपये लेने के बाद भी बैनामा नहीं किया गया।

जब पीड़ितों ने जांच की तो पता चला कि वह जमीन तो पहले से ही सरकार द्वारा अधिग्रहित हो चुकी है और उसका कोई कानूनी मालिकाना हक इरशाद आलम के पास था ही नहीं।

पैसे वापस मांगने पर 13 सितंबर को इरशाद आलम अपने साथी मोहम्मद उजैर और अन्य लोगों के साथ व्यापारियों की दुकान पर पहुंचे और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 60 लाख रुपये की फिरौती मांगने लगे।

इसके बाद पीड़ितों ने संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) से शिकायत की। शिकायत के आधार पर बेकनगंज पुलिस ने इरशाद आलम, मोहम्मद उजैर, रिक्की, रफी सहित तीन नामजद और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ ठगी, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और रंगदारी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। लंबी जांच-पड़ताल और छापेमारी के बाद पुलिस ने आखिरकार इरशाद आलम को दबोच लिया है। पूछताछ जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।