घटिया कैरी बैग देना D-Mart को पड़ा महंगा: 6 रुपए के बैग पर लगा ₹5000 का जुर्मा

ग्राहकों को खराब गुणवत्ता वाले कैरी बैग बेचना भीलवाड़ा स्थित डी-मार्ट (D-Mart) को महंगा पड़ गया है। जिला उपभोक्ता मंच (Consumer Court) ने शॉपिंग मार्ट को ‘सेवा दोष’ (Service Fault) का दोषी मानते हुए 6 रुपए के कैरी बैग के लिए 5,000 रुपए का जुर्माना उपभोक्ता को अदा करने का आदेश दिया है। यह जुर्माना कैरी बैग के मूल मूल्य से लगभग 800 गुना अधिक है।

मामले का विवरण

यह मामला 17 अप्रैल 2019 का है, जब जवाहर नगर निवासी अनामिका सुवालका ने डी-मार्ट से खरीदारी की। उपभोक्ता के अधिवक्ता मुकेश सुवालका ने बताया कि अनामिका ने 35 आइटम खरीदे थे, लेकिन बिल में कर्मचारी ने अपनी ओर से 6 रुपए का एक कैरी बैग भी जोड़ दिया।

शिकायत के अनुसार, कैरी बैग की क्वालिटी इतनी घटिया थी कि इस्तेमाल करते ही वह फट गया। जब ग्राहक अनामिका ने इसकी शिकायत की, तो डी-मार्ट के कर्मचारी ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता की, जिसके बाद मामला जिला उपभोक्ता मंच में पहुंचा।

कोर्ट का निष्कर्ष और आदेश

जिला उपभोक्ता मंच ने सभी तर्कों और साक्ष्यों पर विचार किया। कोर्ट ने पाया कि डी-मार्ट ने ग्राहक से शुल्क लेने के बावजूद खराब कैरी बैग दिया, जो ग्राहक के उपयोग का नहीं रहा। इसे सेवा में कमी मानते हुए, कोर्ट ने डी-मार्ट एवेन्यू सुपरमार्ट लिमिटेड को दो महीने के भीतर उपभोक्ता को हर्जाना देने का आदेश दिया।

जुर्माने का विभाजन इस प्रकार है:

₹1,000 मानसिक परेशानी के लिए।

₹4,000 अधिवक्ता की फीस और मामले में हुए खर्चों के लिए।

कुल ₹5,000 हर्जाना।

उपभोक्ता मंच के इस फैसले ने स्पष्ट कर दिया है कि शुल्क लेकर घटिया या उपयोगहीन वस्तु देना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत एक गंभीर सेवा दोष माना जाएगा।