भोपाल: NEET लीक पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन

NEET पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को भोपाल के नीलम पार्क में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों छात्र-युवा एकत्र हुए।

‘मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट’ के बैनर तले आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रदर्शन में करीब 20 जिलों से छात्र, युवा और नर्सिंग स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने बेरोजगारी, परीक्षा पेपर लीक, भर्ती घोटालों, ठेका प्रथा और नर्सिंग शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ तेज नारेबाजी की।

प्रदर्शन में सबसे ज्यादा चर्चा उस पोस्टर की रही, जिसमें लिखा था- “यह पेपर लीक नहीं, सिस्टम का लीकेज है।” कई युवाओं ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और चंद्रशेखर आजाद की तस्वीरें लेकर उनके आंदोलन के प्रति समर्थन जताया। उन्होंने नारे लगाते हुए कहा, “मन की बात तो करते हैं, मगर सरकार हमारी बात क्यों नहीं सुनती?”

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर न्यायिक जांच की मांग

मूवमेंट अगेंस्ट अनएम्प्लॉयमेंट के मध्य प्रदेश संयोजक प्रमोद नामदेव ने कहा कि NEET समेत अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की।

मनोज रजक ने कहा कि मध्य प्रदेश में लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं, पेपर लीक और नर्सिंग कॉलेजों में फर्जीवाड़े की घटनाएं युवाओं का विश्वास तोड़ रही हैं। लाखों सरकारी पद खाली पड़े हैं, फिर भी नियमित भर्ती नहीं हो रही है। नर्सिंग छात्रों को समय पर परीक्षा, रिजल्ट और छात्रवृत्ति नहीं मिल पा रही है।

13 सूत्री मांगपत्र सौंपा

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार को संबोधित 13 सूत्री मांगपत्र सौंपा। इसमें प्रमुख मांगें शामिल हैं:

  • NEET सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की निष्पक्ष जांच
  • केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
  • रिक्त सरकारी पदों पर त्वरित भर्ती
  • MPPSC और MPESB की समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया
  • नॉर्मलाइजेशन व्यवस्था की समीक्षा
  • नर्सिंग छात्रों की समस्याओं का तुरंत समाधान
  • आवेदन शुल्क में कमी
  • ठेका प्रथा खत्म कर स्थायी रोजगार
  • महिलाओं की सुरक्षा
  • मनरेगा के लिए पर्याप्त बजट
  • शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में पुलिस हस्तक्षेप पर रोक