इंडिगो की 300+ उड़ानें रद्द, DGCA के नए नियमों से तीसरे दिन ऑपरेशन प्रभावित

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (IndiGo) लगातार तीसरे दिन क्रू मेंबर्स की भारी कमी से जूझ रही है, जिसके कारण उसके उड़ान संचालन पर गंभीर असर पड़ा है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा लागू किए गए नए सुरक्षा नियमों के चलते यह संकट गहराया है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गुरुवार को केवल मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर ही इंडिगो की 300 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं।

प्रमुख एयरपोर्ट पर कैंसिल उड़ानों की संख्या

एयरलाइन की सेवाओं में भारी व्यवधान देखने को मिला है। गुरुवार को विभिन्न प्रमुख हवाई अड्डों पर रद्द/प्रभावित उड़ानों का ब्योरा इस प्रकार है:

एयरपोर्टकुल रद्द उड़ानें
दिल्ली95
मुंबई86
बेंगलुरु50
हैदराबाद70
जयपुर4
इंदौर3

यात्रियों का हंगामा, 8 घंटे तक इंतजार

पुणे एयरपोर्ट पर स्थिति गंभीर रही, जहां एक यात्री ने बताया कि उन्हें आठ घंटे से अधिक का इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट के दोनों फ्लोर यात्रियों से भरे रहे और खबर है कि इस दौरान तीन यात्री बेहोश भी हो गए। यात्रियों ने शिकायत की कि एयरलाइन की ओर से उन्हें उड़ानें रद्द होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी जा रही है।

DGCA के नए नियम बने संकट की वजह

इंडिगो के संकट की मुख्य वजह डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) द्वारा 1 नवंबर से लागू किए गए पायलटों और क्रू सदस्यों के काम से जुड़े सुरक्षा नियमों (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) में बदलाव है। इंडिगो के पास देश में सबसे ज्यादा विमान और दैनिक उड़ानें (लगभग 2,300) होने के कारण, इस नियम का सबसे बड़ा असर इसी एयरलाइन पर पड़ा है। एयरलाइन की 10-20% उड़ानों का भी प्रभावित होना 200 से 400 उड़ानों के रद्द या देरी से चलने का कारण बन रहा है।

DGCA के अनुसार, इंडिगो में क्रू की कमी की यह दिक्कत पिछले महीने से चल रही है, जिसके चलते नवंबर में इंडिगो की 1232 उड़ानें रद्द हुईं और मंगलवार को 1400 उड़ानें देरी से चलीं।

इंडिगो ने DGCA से की मुलाकात; 5 दिसंबर तक सामान्य होने का दावा

DGCA ने बुधवार को इंडिगो से मौजूदा समस्याओं के कारणों और उन्हें दूर करने की योजना का विवरण मांगा था। इसी क्रम में, गुरुवार को एयरलाइन के अधिकारी DGCA से मुलाकात करने पहुंचे हैं।

इंडिगो ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा था कि क्रू मेंबर्स के शिफ्ट चार्ट से जुड़े नए नियमों, तकनीकी खराबी, मौसम और एविएशन सिस्टम में नेटवर्क की धीमी गति के कारण ऑपरेशन पर बुरा असर पड़ा है। एयरलाइन ने उम्मीद जताई है कि 5 दिसंबर तक हालात सामान्य हो जाएंगे।