मध्य प्रदेश में आज (शनिवार) होम गार्ड्स और नागरिक सुरक्षा संगठन का 79वां स्थापना दिवस राज्य स्तरीय समारोह के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में होम गार्ड कार्यालय पहुंचे और कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होम गार्ड परेड निरीक्षण वाहन से परेड का निरीक्षण किया और होम गार्ड परेड टीम से सलामी ली। उन्होंने जवानों के साहस, अनुशासन और हर चुनौती में आगे रहने की भावना की जमकर सराहना की।
प्रमुख घोषणाएं और सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने होम गार्ड्स जवानों के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
मुख्यमंत्री ने होम गार्ड्स जवानों के लिए स्थायी आवास प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि हर होम गार्ड को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए, और इसके लिए आवास निर्माण के आदेश भी दिए गए हैं।
जवानों के असाधारण शौर्य और बहादुरी को पहचानने के लिए ‘अदम्य साहसिक कार्य सम्मान पुरस्कार’ शुरू करने की भी बात कही।
रेस्क्यू टीमों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि होम गार्ड एक अनुशासित समूह है जो हर परिस्थिति में निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का पालन करता है।
उन्होंने बताया कि 2014 में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का गठन होने के बाद से बल ने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इंदौर में NDRF और SDRF के जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका उपयोग आगामी उज्जैन सिंहस्थ में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 रेस्क्यू टीमों को 51 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा, “हर परिस्थिति में, हर चुनौती में, सबसे आगे खड़े रहने वाला यह होम गार्ड का समूह है।”