जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर को मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके चलते न्यायिक कामकाज बाधित रहा। यह धमकी सुबह 9:43 बजे रजिस्ट्रार, सीपीसी को एक इलेक्ट्रॉनिक मेल (ईमेल) के माध्यम से प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासनिक और सुरक्षा दल तुरंत सक्रिय हो गया।
धमकी की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए तत्काल संपूर्ण न्यायालय भवन को खाली करवा लिया। मौके पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया और एक विस्तृत तलाशी अभियान शुरू किया गया। सुरक्षा कारणों से, उच्च न्यायालय में आज की सभी निर्धारित न्यायिक सुनवाई को स्थगित करना पड़ा।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में करीब ढाई घंटे तक चले इस गहन सर्च ऑपरेशन के बाद, जाँच एजेंसियों ने दोपहर 12:30 बजे कोर्ट बिल्डिंग को सुरक्षित घोषित किया। इसके उपरांत, अधिवक्ताओं (वकीलों) और अन्य स्टाफ सदस्यों को परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई।
40 दिनों में चौथी घटना
यह पिछले 40 दिनों की अवधि में उच्च न्यायालय को प्राप्त हुई चौथी ऐसी धमकी (कॉल या ईमेल) है। बार-बार मिल रही इस प्रकार की धमकियों के कारण कोर्ट का दैनिक संचालन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, जिससे न्यायपालिका (जजों) और विधि समुदाय (वकीलों) के बीच इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता और असंतुष्टि है।
मामला साइबर सेल को, सुरक्षा पर विचार
धमकी भरा ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान करने में पुलिस को अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है, जिससे पुलिस की जाँच प्रक्रिया पर प्रश्न उठ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने अब इस फर्जी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए मामले की जाँच साइबर अपराध प्रकोष्ठ (साइबर सेल) को सौंप दी है।
प्रशासनिक स्तर पर, न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, प्रवेश नियंत्रणों पर निरीक्षण बढ़ाने, और आधुनिक निगरानी प्रणाली स्थापित करने के उपायों पर सक्रिय रूप से विचार-विमर्श किया जा रहा है।