प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 दिसंबर 2025 को शाम को अपने दिल्ली स्थित सरकारी निवास पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन किया। बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए की बड़ी जीत के बाद यह गठबंधन की प्रमुख बैठकों में से एक मानी जा रही है। यह आयोजन मूल रूप से पिछले संसदीय सत्र के दौरान प्रस्तावित था, लेकिन पंजाब में बाढ़ की स्थिति के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, इस रात्रिभोज में एनडीए के लगभग सभी सांसदों के शामिल होने की उम्मीद है। विभिन्न क्षेत्रों के सांसदों से समन्वय की जिम्मेदारी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों को सौंपी गई है। कार्यक्रम को व्यवस्थित करने के लिए लगभग 54 मेजें लगाई गई हैं, जहां प्रत्येक मेज पर भाजपा और सहयोगी दलों के आठ सांसद बैठेंगे। उदाहरण के लिए, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल क्षेत्र के सांसदों की व्यवस्था देख रहे हैं, जबकि किरेन रिजिजू उत्तर-पूर्वी राज्यों के सांसदों से संपर्क की भूमिका निभा रहे हैं। हर मेज पर एक केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित रहेंगे और अनुमान है कि प्रधानमंत्री मोदी खुद हर मेज के पास जाकर सांसदों से व्यक्तिगत रूप से संवाद करेंगे।
सरकार की आगे की योजनाओं और रणनीति पर विचार-विमर्श
इस सप्ताह की शुरुआत में एक बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए सांसदों को सरकार की व्यापक कार्ययोजना और जनकल्याण से जुड़ी प्रमुख प्राथमिकताओं की जानकारी दी थी। इस रात्रिभोज के दौरान आगे की विधायी प्राथमिकताओं और कार्यनीति पर दिशानिर्देश साझा किए जाने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि यह आयोजन केवल औपचारिक भोज नहीं होगा, बल्कि गठबंधन के घटक दलों के बीच खुली और रचनात्मक राजनीतिक चर्चा का अवसर प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री की सभी सांसदों से व्यक्तिगत बातचीत से चल रहे संसद सत्र की प्राथमिकताओं का मूल्यांकन, आगामी विधायी एजेंडे पर सुझाव और गठबंधन की संयुक्त दिशा मजबूत करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु तथा असम में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों की शुरुआती रणनीति पर भी विचार-विमर्श हो सकता है।