उत्तर भारत में घने कोहरे का कहर: ट्रेनें घंटों लेट, सड़क हादसों में 3 की मौत, दिल्ली-एनसीआर में AQI 470 पार

उत्तर भारत में सर्दी के बढ़ते प्रकोप के साथ घने कोहरे ने आम लोगों की जिंदगी को काफी प्रभावित कर दिया है। खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश में कोहरे की वजह से रेल सेवाएं और सड़क परिवहन बुरी तरह बाधित हो रहे हैं। ट्रेनें धीमी गति से चल रही हैं, जबकि कम विजिबिलिटी के कारण सड़कों पर कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।

बिहार में रेल संचालन पर कोहरे का गहरा असर पड़ा है। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, नई दिल्ली से हावड़ा जाने वाली पूर्वा एक्सप्रेस करीब एक घंटे देर से चल रही है। इसी तरह संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस डेढ़ घंटे और श्रमजीवी एक्सप्रेस लगभग डेढ़ घंटे की देरी से चल रही है।लंबी दूरी की ट्रेनों को इससे ज्यादा नुकसान हो रहा है। फरक्का एक्सप्रेस चार घंटे, जयनगर गरीब रथ तीन घंटे 50 मिनट और विभूति एक्सप्रेस पांच घंटे तक लेट चल रही हैं।

कोहरे से मुकाबला करने के लिए समस्तीपुर रेल डिवीजन ने विशेष इंतजाम तेज कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, लोकोमोटिव में फॉग सेफ्टी डिवाइस लगाए जा रहे हैं, जो कम दृश्यता में पायलट को सिग्नल, ट्रैक इंडिकेटर और महत्वपूर्ण स्थानों की जानकारी देते हैं। साथ ही ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम को भी मजबूत किया गया है।

उत्तर प्रदेश में भी रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे लखनऊ, जौनपुर, बाराबंकी और उन्नाव सहित 30 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी बेहद कम हो गई। कुछ जगहों पर दृश्यता मात्र 20 मीटर रह गई। इसके चलते अलग-अलग पांच सड़क हादसों में 20 से ज्यादा वाहन टकराए, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई और सात घायल हो गए।

गाजियाबाद के मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर 12 वाहनों की भिड़ंत हुई। उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बस और कंटेनर की टक्कर में बस ड्राइवर की जान गई। वहीं आजमगढ़ में एक कार पेड़ से टकराई, जिसमें गाजीपुर के दो व्यापारियों की मौत हो गई।इस बीच दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। गाजियाबाद में एक्यूआई 460 और नोएडा में 472 तक पहुंच गया, जिसके बाद ग्रेप स्टेज-4 की पाबंदियां लागू कर दी गईं। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा टालने की सलाह दी है।