भोपाल के बड़े तालाब में शुरू हुई शिकारा सेवा माफिया के जाल में फंस गई है, जिससे पर्यटकों को खराब अनुभव हो रहा है। निजी नाव संचालक गेट पर ही पर्यटकों को गुमराह कर रहे हैं और शिकारा राइड के नाम पर कम समय तक सैर करा रहे हैं। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे पर्यटकों में निराशा है।
मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम ने हाल ही में बड़े तालाब में 20 शिकारों की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य पर्यटकों को कश्मीर की डल झील जैसा अनुभव प्रदान करना था। हालांकि, निजी नाव संचालकों की गड़बड़ी से यह पहल प्रभावित हो रही है। पर्यटन विकास निगम इस मामले पर उचित जवाब नहीं दे रहा है, जिससे माफिया का खेल जारी है।
निजी नाव संचालकों की गड़बड़ी
- गेट पर ही पर्यटकों को गुमराह कर रहे हैं
- शिकारा राइड के नाम पर कम समय तक सैर करा रहे हैं
- शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है
पर्यटकों की शिकायतें
- रोहित सावले ने बताया कि उन्होंने 300 रुपये में 20 मिनट के लिए शिकारा लिया, लेकिन चालक ने सिर्फ पांच मिनट तक शिकारा चलाया
- शिकारा चालक ने आगे किनारे पर ले जाकर खड़ा कर दिया और गुटखा खाता रहा
पर्यटन विकास निगम की जिम्मेदारी
- पर्यटन विकास निगम को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए
- शिकारा सेवा को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना चाहिए
- पर्यटकों की शिकायतों का समाधान करना चाहिए .